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सेनानी आश्रित को आवास मिलना तो दूर, सवा दो साल में आख्या तक नहीं दी

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सेनानी आश्रित नवीन जोशी। - फोटो : CHAMPAWAT
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चंपावत। बाराकोट के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित को आवास मिलना तो दूर, उनके आवेदन की जांच भी सवा दो साल में किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। सेनानी के बेटे नवीन जोशी इसे लेकर कई बार संबंधित विभाग को खटखटा चुके हैं, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब मामले के उजागर होने पर खंड विकास अधिकारी ने बुधवार को कर्मचारी को भेज एक हफ्ते में जांच करा कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
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बाराकोट के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी उमापति जोशी के बेटे नवीन चंद्र जोशी ने पहली मार्च 2019 को तत्कालीन संसदीय कार्य मंत्री से आवास के लिए आग्रह किया था। तब मंत्री ने मामले के लिए आवश्यक कार्रवाई के डीएम को निर्देश दिए थे। इसके बाद सात मार्च 2019 को परियोजना निदेशक ने बाराकोट के बीडीओ को जांच करा नियमानुसार आवास दिलाने की कार्रवाई को कहा। लेकिन सवा दो साल बाद भी इस जांच का अतापता नहीं है। अलबत्ता मामले के तूूल पकड़ने पर बीडीओ एमपी कांडपाल ने बुधवार को ग्राम विकास अधिकारी नारायण सिंह कार्की को जांच के लिए भेजा।
कोट
मैं बाराकोट ब्लॉक में 2020 में आया हूं। मामला संज्ञान में आने पर दस्तावेजों को टटोला गया। यह पता चला कि एक ग्राम विकास अधिकारी को मार्च 2019 में जांच के लिए गांव भेजा गया था, लेकिन उनके द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट इस कार्यालय में उपलब्ध नहीं होने से क्या आख्या की गई, इसका पता नहीं चल सका। अलबत्ता अब फिर से जांच कराई जा रही है।
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एमपी कांडपाल,
बीडीओ, बाराकोट।
शुरुआती दो साल में बाराकोट में सिर्फ 31 आवास बने
चंपावत। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के मामले में बाराकोट की तस्वीर ठीक नहीं है। 2016-17 से शुरू इस योजना में पहले दो वित्तीय वर्ष में यहां सिर्फ 31 आवास स्वीकृत हुए हैं। जबकि इसी अवधि में चंपावत में 572, पाटी में 187 और लोहाघाट में 136 आवास मंजूर हुए। बाराकोट की ब्लॉक प्रमुख विनीता फर्त्याल ने कहा कि पात्र लोगों को आवास योजना का लाभ देने के लिए तेजी से जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
बिरगुल में आवास के लिए मांग रहे रुपये!
चंपावत। चंपावत ब्लॉक के बिरगुल ग्राम पंचायत में कुछ लोगों ने आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रुपये मांगने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया कि विभाग के नाम पर कुछ लोग 20 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं, रुपये नहीं देने पर आवास स्वीकृत नहीं होने देने की धमकी दी गई है। इधर बीडीओ केके पांडेय का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई शिकायती पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। (संवाद)
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