पाटी (चंपावत)। तहसील पाटी के दूरस्थ ग्राम पंचायत रमक के कई गांव आज भी सड़क सुविधा से वंचित हैं। लोग पैदल आवागमन करने को मजबूर हैं। सड़क नहीं होने से गांव से पलायन हो रहा है। ग्रामीण बीमार बुजुर्गों, घायलों और गर्भवतियों को 13 किमी डोली से सड़क तक पहुंचा रहे हैं। सेला, खेरकुड़ा, बनथौड़ा, खुमार, गोठ, सिडोली बंचौडा, आटा, चसघर आदि गांव के लोगों का कहना है कि वह लंबे समय से सड़क की मांग करते आ रहे है, लेकिन शासन-प्रशासन की अनदेखी से आज तक वह सड़क से वंचित हैं। लोगों का कहना है कि करीब 900 की आबादी को अभी तक विभागों और शासन-प्रशासन के कोरे आश्वासन मिले हैं।
ग्रामीण मंगल जोशी, बसंत अटवाल, नरेश जोशी, पानदेव जोशी ने बताया कि डीएम नवनीत पांडेय ने लोनिवि को सर्वे कर सड़क बनाने के आदेश दिए थे, लेकिन विभाग ने कुछ भी नहीं किया। उसके बाद पीएमजीएसवाई ने सर्वे के बाद कोई काम नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं बनने पर वह आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
कोट
गर्भवतियों, बुजुर्गों और घायलों को डोली से 13 किमी सड़क तक लाना पड़ता हैं। इसके लिए लोगों को एक से दो घंटे का समय लग जाता हैं। वर्तमान में 356 परिवारों में से 82 परिवार यहां से पलायन कर चुके हैं। - मंगल जोशी, ग्राम प्रधान।
-
लगातार ज्ञापन देने के बाद भी शासन प्रशासन क्षेत्रवासियों की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है। अगर शीघ्र समस्या का समाधान नहीं किया तो सभी लोग डीएम कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। - लीलांबर लटवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य।
सड़क का सर्वे कर प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया था। वर्तमान में सड़क का प्रस्ताव केंद्र के पास है। स्वीकृति मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीरेंद्र सिंह बोहरा, सहायक अभियंता, पीएमजीएसवाई।