चंपावत। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाने के लिए आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा आईडी) बनाने का अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। जिलेभर के अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों को यह सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज की आभा आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाए। वर्तमान में अकेले जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब 100 से अधिक लोगों की यह डिजिटल पहचान तैयार की जा रही है।
जिला अस्पताल के पीएमएस एचएस ह्यांकी ने बताया कि आभा आईडी भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी डिजिटल हेल्थ योजना के अंतर्गत तैयार किया जाने वाला 14 अंकों का एक विशिष्ट हेल्थ कार्ड है। उन्होंने कहा कि इस डिजिटल प्रणाली के लागू होने से मरीजों को अपनी पुरानी मेडिकल फाइलें और कागजी पर्चियां हर जगह साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके अलावा डॉक्टर आभा आईडी के जरिए मरीज की बीमारी और पूर्व में किए गए उपचार का पूरा इतिहास पलभर में देख सकेंगे।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां
चंपावत जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों की मदद और आभा आईडी सृजन के कार्य के लिए दो समर्पित कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जो अस्पताल पहुंचने वाले हर नागरिक को इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।
जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और उपकेंद्रों को अस्पताल पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज की आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में जिला अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक लोगों की आभा आईडी तैयार की जा रही है। - डॉ. देवेश चौहान, सीएमओ, चंपावत