जिले में राजस्व उप निरीक्षक की शारीरिक दक्षता परीक्षा तो 15 जनवरी से होगी, लेकिन इससे पहले ही कई अभ्यर्थी परीक्षा से आउट हो गए हैं। दरअसल इन अभ्यर्थियों के आवेदन पत्रों में कमी होने से इन्हें निरस्त कर दिया गया।
राजस्व उप निरीक्षक के 21 पदों के लिए 1656 अभ्यर्थियों ने आवेदन किए थे। मंगलवार को इन आवेदनों की जांच पूरी हुई। प्रभारी जिलाधिकारी जेएस राठौर ने बताया कि जांच के बाद जांच टीम ने 188 आवेदन (11.35 प्रतिशत) पत्र निरस्त किए। इन फार्मों में सेवायोजन पंजीकरण सहित कई कागजातों की कमी पाई गई।
राजस्व उप निरीक्षकों के लिए 15 से 25 जनवरी 2016 तक शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। 20 मार्च को लिखित परीक्षा होगी। 25 से 31 मार्च तक उत्तर कुंजी का प्रकाशन होगा। 1 से 15 अप्रैल तक आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकेगी, जबकि 30 अप्रैल को आपत्तियों का निस्तारण होगा। 30 जून को परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। 15 जुलाई को स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाणपत्रों का सत्यापन होगा। 1 सितंबर 2016 से चयनित उप निरीक्षकों का प्रशिक्षण शुरू होगा।
निष्पक्ष जांच न हुई, तो भाजपा करेगी आंदोलन
करीब दो माह पहले चंपावत डिवीजन के तहत 12 वन आरक्षी की परीक्षा हुई थी। छात्रसंघ सहित कई संगठनों की मांग पर गड़बड़ी के आरोपों की जांच के आदेश 17 नवंबर को अपर प्रमुख वन संरक्षक ने दिए, मगर इसकी रिपोर्ट प्रशासन के पास अब तक नहीं पहुंच सकी। वहीं मंगलवार को भाजपा के जिलाध्यक्ष हिमेश कलखुड़िया ने निष्पक्ष जांच के लिए विभागीय जांच के स्थान पर किसी तटस्थ एजेंसी से जांच करने की मांग की है। इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक को ज्ञापन भेजा गया है। ऐसा नहीं होने पर राज्यपाल से मुलाकात करने सहित आंदोलन की चेतावनी दी गई है।