भीषण गर्मी में जल स्तर कम होने होने के बाद भी हैंडपंप कई जगह बड़ा आसरा बने हैं। खास तौर पर ग्रामीण इलाकों में प्यास बुझाने के लिए ये हैंडपंप बेहद मददगार बने हैं। करीब 37 हजार लोग इन हैंडपंपों पर आश्रित हैं। मगर जिले के काफी हैंडपंप खराब हाल में हैं। यहां हर दसवां हैंडपंप काम नहीं कर रहा है।
चंपावत एमईएस के पास के हैंडपंप में आज तक प्लेटफार्म नहीं बना, त्यारकूड़ा हैंडपंप का हत्था ठीक से काम नहीं कर रहा व पुलहिंडोला के हैंडपंप सूखे पड़े हैं। इसी तरह की अन्य खामियों वाले जिले में 70 से अधिक हैंडपंप हैं। जो एक सप्ताह से दो माह पूर्व तक खराब हैं। सरकारी पेयजल योजना से वंचित पुलहिंडोला के नकुल पंत, डीडी भट्ट सहित तमाम ग्रामीणों का कहना है कि उनके इलाके में पानी का हैंडपंप महत्वपूर्ण सहारा है, मगर यहां निचले बाजार वाले एक हैंडपंप को छोड़ शेष पांच हैंडपंप काम ही नहीं कर रहे हैं। कई बार विभाग को जानकारी देने के बाद भी ये ठीक नहीं हुए। वैसे जिले में इस वक्त गुमदेश, तल्लादेश, चंपावत, लोहाघाट, पाटी, बाराकोट क्षेत्र की करीब 40 हजार से अधिक की आबादी का सहारा सिर्फ हैंडपंप है।
चंपावत जिले में कुल 750 हैंडपंप लगाए गए हैं। इनमें से करीब दस प्रतिशत से खामियों की वजह से पानी नहीं निकल रहा है। लोगों का कहना है कि बचे 675 हैंडपंपों में से भी कुछ ऐसे ही जिनमें हत्थे को चलाने में दिक्कतें आ रही हैं, इनमें कम पानी निकलना, साफ पानी के बजाय लाल रंग का पानी निकलने जैसी दिक्कतें हैं। मगर इनका निराकरण नहीं किया जा सका है।
पर विभागीय आंकड़ों में मात्र 29 हैंड पंप खराब
आम लोग 70 से ज्यादा हैंडपंप खराब होने की बात कहते हैं, मगर विभागीय आंकड़े इससे कतई मेल नहीं खाते। जल संस्थान का कहना है कि जल स्तर कम होने से 16 हैंडपंप पूरी तरह सूख गए हैं। इसके अलावा 13 हैंडपंप खराब हैं। पोलप व दिगालीचौड़ में दो-दो, मिट्टीखाल, प्राथमिक विद्यालय चंपावत, गुदमी, दुबचौड़ा जीआईसी, मानाढूंगा प्राथमिक विद्यालय, कफलांग, चमदेवल, पंचेश्वर व पचपखरिया के एक-एक हैंडपंप खराब हैं।
इस साल चार नए हैंडपंप लगेंगे
चंपावत जिले में मौजूदा वित्त वर्ष में राज्य योजना से चार नए हैंडपंप लगाया जाना प्रस्तावित हैं। जल संस्थान के मुताबिक हर विकासखंड में एक-एक हैंडपंप लगाए जाएंगे। चंपावत में नौलटाक, लोहाघाट में मानेश्वर, बाराकोट में मुख्य बाजार और पाटी विकासखंड में नई बस्ती में ये हैंडपंप लगाए जाएंगे। एक हैंडपंप की कीमत करीब 2.48 लाख रुपये है।
काेट.....
खराब हैंडपंप को ठीक कराने के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। आमतौर पर शिकायत मिलने पर एक सप्ताह के भीतर हैंडपंप को ठीक कर दिया जाता है। इस बार चार नए हैंडपंप को लगाया जाएगा। ये नए हैंडपंप इस महीने के अंत तक लगा दिए जाएंगे। अलबत्ता जल स्तर में कमी की वजह से कुछ जगह पानी निकलने की गति धीमी हो जाती है।
-आरके वर्मा, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान, चंपावत डिवीजन।