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पूर्णागिरि मेला समाप्त होने के बाद भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Sun, 25 Jun 2017 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो टनकपुर (चंपावत)।
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पूर्णांगिरि मंदिर मेले के समापन में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध पूर्णागिरि मेला संपन्न होने के बाद भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां पूर्णागिरि के दर्शन को उमड़ रहे हैं। दो दिन का अवकाश होने से रविवार को धाम क्षेत्र में श्रद्धालुओं की खासी भीड़ है। शनिवार शाम से 24 घंटे में करीब पंद्रह हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने देवी मां के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इधर, पथ प्रकाश आदि की सरकारी सुविधाएं हटने के बाद मंदिर समिति ने अपने स्तर से व्यवस्थाएं की है। प्रशासन ने रात में दर्शन पर रोक लगाने के साथ ही वन्य जीवों के खतरे को देखते हुए रात के वक्त ठुलीगाड़-भैरव मंदिर पैदल मार्ग से आवाजाही पर भी रोक लगा दी है।

14 मार्च से शुरू हुआ मेला शनिवार 24 जून को विधिवत संपन्न हो गया। मेला समाप्त होने के साथ ही धाम क्षेत्र से पथ प्रकाश, चिकित्सा आदि व्यवस्थाएं हटा ली गई है। रविवार का अवकाश होने के कारण मेले के अंतिम दिन शनिवार की शाम से ही श्रद्धालुओं की खासी भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि 24 घंटे में करीब पंद्रह हजार से अधिक श्रद्धालु देवी के दर्शन कर चुके हैं और श्रद्धालुओं के आने का क्रम अभी बना है। उन्होंने बताया कि भैरव मंदिर से काली मंदिर तक दुकानदारों ने अपने स्तर से पथ प्रकाश की व्यवस्था की है, जबकि काली मंदिर से मुख्य मंदिर तक समिति द्वारा पथ प्रकाश की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि अब रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक दर्शन पर रोक लगा दी गई है। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि वन्यजीवों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जंगल से होकर गुजरने वाले ठुलीगाड़-भैरव मंदिर पैदल मार्ग में शाम छह बजे से सुबह पांच बजे से आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है।
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काली मंदिर क्षेत्र के रास्ते में गंदगी से यात्री परेशान
टनकपुर। मेला संपन्न होते ही मां पूर्णागिरि धाम के रास्तों की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। रविवार को काली मंदिर क्षेत्र के रास्ते में जगह-जगह पड़ी गंदगी से यात्रियों को खासी परेशानी हुई। सरकारी मेला अवधि में ठुलीगाड़ से काली मंदिर तक मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था जिला पंचायत द्वारा की जाती है, लेकिन मेले के बाद रास्तों पर पड़ी गंदगी यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय का कहना है कि कई दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानें बंद करने से यह गंदगी फैली है। समिति अपने स्वयं सेवकों द्वारा रास्तों की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करेगी।

 
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