कनालीछीना ब्लॉक के भागीचौरा क्षेत्र के आधा दर्जन गांव अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं । इन गांवों को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए दस साल पहले स्वीकृत सड़क आज तक नहीं बन पाई है। सड़क न होने से ग्रामीणों को आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष 2008-09 में भागीचौरा से बगना, शक्तिपुर 12 किमी मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ। इस सड़क का शिलान्यास 14 नवंबर 2009 में जौलजीबी मेले के उद्घाटन के अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया। वर्ष 2011 में लोनिवि अस्कोट निविदाएं आमंत्रित कर सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया। किमी दो में कठोर चट्टान लगने से ठेकेदार ने कार्य छोड़ दिया। बीच में भी चर्मा नदी होने के कारण सड़क का आधा-अधूरा कार्य हुआ। भागीचौरा और शक्तिपुर दोनों ओर मिलाकर करीब पांच किमी सड़क काटी गई। किमी दो में पुन: सर्वे होने से सड़क का कार्य बीच में रुक गया। उक्त सड़क स्पेशल कंपोनेंट प्लान के अंतर्गत स्वीकृत है।
क्षेत्रवासी पदमादत्त पांडेय, मनोज पांडेय, वंशीधर पांडेय, नंदा बल्लभ पांडेय, दीवान सिंह सामंत, दान सिंह पोखरिया, धन सिंह कन्याल, मान सिंह आदि ने बताया कि इस सड़क की कटिंग के चलते भागीचौरा से चर्मा, अमकोट, डूंगरी, देवखेत, महतगांव, सितोली, कनेती गांवों के लिए बना अश्व मार्ग भी मलबा और बोल्डरों से पट गया। इससे उन्हें अब आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने शीघ्र सड़क का निर्माण शुरू न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
कोट:
भागीचौरा, बगना-शक्तिपुर सड़क के लिए नया सर्वे पास हो गया है। टैंडर लगा कर शीघ्र काम शुरू करवाया जाएगा। विशन सिंह चुफाल, विधायक डीडीहाट।