टनकपुर/बनबसा(चंपावत)। पहाड़ों पर हो रही तेज बारिश से उफनाई शारदा नदी से उचौलीगोठ और बूम में तेजी से भू-कटाव हो रहा है। इससे गांव पर खतरा मंडराने लगा है।
ग्राम प्रधान पूजा महर, गैंड़ाखाली की प्रधान निर्मला सामंत, गणेश सिंह महर, देवेंद्र सामंत, मोहन जोशी, संपत गिरी, तेजी सिंह खाती, बहादुर सिंह खाती आदि ने बताया कि बूम और उचौलीगोठ के साथ ही गैंड़ाखाली, बसानीगोठ व खेतखेड़ा में भी शारदा से भू-कटाव हो रहा है। उनका कहना है कि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो गांव को खतरा हो सकता है।
एक ओर बाटनागाड़ के मलबे से खतरे की आशंका और दूसरी तरफ शारदा से हो रहे भू-कटाव से बूम और उचौलीगोठ के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों ने प्रशासन से भू-कटाव रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है। बता दें कि वर्ष 2013 की आपदा में उफनाई शारदा से ग्रामीणों की कई एकड़ कृषि भूमि कटाव की भेंट चढ़ी थी।
इधर बनबसा में लगातार हो रही बारिश की वजह से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह जलभराव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार रात से हो रही बारिश के कारण फागपुर, भजनपुर, चंदनी, आनंदपुर, बमनपुरी, पचपकरिया, देशीफार्म, गुदमी, देवीपुरा और मीनाबाजार में जगह-जगह जलभराव होने से लोग परेशान रहे। गांवों में खेतों में जलभराव से धान की फसल डूबने से नुकसान का अंदेशा है।
इधर व्यापार मंडल अध्यक्ष परमजीत सिंह गांधी और पूर्व अध्यक्ष भरत भंडारी ने बताया कि बारिश की वजह से बाजार में सुनसानी छाई रही। हालांकि बुधवार को साप्ताहिक बंदी भी थी। व्यापार मंडल महामंत्री अभिषेक गोयल के मुताबिक बुधवार को मजदूर वर्ग, ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी भी प्रभावित हुई है। संवाद
वहीं बनबसा स्थित यूपी सिंचाई विभाग के शारदा बैराज प्रभारी जेई रोहित चौधरी ने बताया कि मंगलवार की सुबह आठ बजे से बुधवार की सुबह आठ बजे तक बनबसा में 161 मिमी बारिश हुई। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह आठ बजे बनबसा में शारदा नदी का जलस्तर 89,523 क्यूसेक था।
यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा स्थित शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार वर्मा ने बताया कि 15 अक्तूबर तक बैराज प्रशासन को अलर्ट जारी किया गया है। शारदा का जलस्तर एक लाख क्यूसेक पहुंचते ही बैराज पर से वाहनों का संचालन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान नदी और नदी तट पर किसी के भी आने-जाने पर रोक है। संवाद