बनबसा (चंपावत)। पुराने ठेकेदार की ओर लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किए जाने को लेकर आंदोलित नगर पंचायत के ठेका पर्यावरण मित्रों का कार्य बहिष्कार शुक्रवार को भी जारी रहा। इससे नगर क्षेत्र में जगह- जगह कूड़े का अंबार लग गया है। नगर पंचायत प्रशासन अभी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं कर सका है।
नगर पंचायत के ठेका पर्यावरण मित्रों ने विगत 25 मार्च को नगर पंचायत अध्यक्ष रेनू अग्रवाल व ईओ राकेश कोटिया को सात सूत्री मांगों को लेकर ज्ञापन सौंप कर चार दिन में मांगे पूरी नही होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा के बैनर तले बुधवार से नगर पंचायत के ठेका पर्यावरण मित्रों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। उनका कहना है कि पिछले ठेकेदार (वर्ष 2021-22) ने उनका करीब तीन माह के मानदेय का भुगतान नही किया है जिसके संबंध में उन्होंने कई बार नगर पंचायत अध्यक्ष एवं ईओ को ज्ञापन सौंपे लेकिन उनकी मांग पूरी नहीं हुई। शुक्रवार को आंदोलनरत पर्यावरण मित्रों एवं ईओ के मध्य हुई वार्ता भी बेनतीजा रही।
ईओ राकेश कोटिया का कहना है कि पिछले ठेकेदार ने 15 ठेका पर्यावरण मित्रों का भुगतान नहीं किया है। पुराने ठेकेदार की ओर से बनबसा नगर पंचायत के खिलाफ हाईकोर्ट में वाद दायर किए जाने से मामला विचाराधीन है। उनका कहना है कि पर्यावरण मित्रों का पुराना लंबित भुगतान ठेकेदार को ही करना है लेकिन पर्यावरण मित्र अपनी मांगों पर अड़े हैं। इधर राष्ट्रीय वाल्मीकि क्रांतिकारी मोर्चा संरक्षक महेश वाल्मीकि, संगठनमंत्री ओमपाल वाल्मीकि, धर्मपाल वाल्मीकि, धर्मवीर वाल्मीकि, राकेश वाल्मीकि, महेंद्र पाल वाल्मीकि, सचिन वाल्मीकि, अभिषेक वाल्मीकि, अरुण वाल्मीकि, सौरभ वाल्मीकि, लक्ष्मी देवी, नीलम देवी, कमलेश देवी, सोनी देवी, सानू देवी, सोनू देवी, मिथिलेश देवी आदि कार्य बहिष्कार पर रहे।