सूखीढांग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग की अंग्रेजी शराब की दुकान को धूरा मोटर मार्ग में शिफ्ट करने के विरोध में चल रहा आंदोलन खत्म हो गया है। शनिवार को मौके पर पहुंचे विधायक कैलाश गहतोड़ी के लिखित आश्वासन के बाद ग्रामीण मान गए। इससे पूर्व ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को नौवें दिन भी जारी रहा। गुस्साए लोगों ने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए शनिवार को भी राम मंदिर चौक में धरना जारी रखा।
इस दौरान चंपावत से टनकपुर की ओर जा रहे विधायक ने धरना स्थल पर पहुंच आंदोलनकारियों का हाल जाना। आंदोलनकारी महिलाओं और ग्रामीणों ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर किसी भी कीमत पर क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं खोलने की मांग उठाई। विधायक के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। इस मौके पर पूर्व प्रधान इंद्र सिंह राणा, पंडित शंकर दत्त जोशी, धूरा की ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी, बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह, सरस्वती देवी, प्रकाश चंद्र, महेंद्र सिंह, मोहिनी देवी, एसडी जोशी, उमा देवी आदि मौजूद रहे।
शराब की चार दुकान खुलने की राह साफ हुई
चंपावत। राज्य राजमार्ग (एसएच) को जिला मार्ग में तब्दील करने से चंपावत जिले की शराब की चार दुकानों के खुलने की राह प्रशस्त हो गई है। अलबत्ता शनिवार को भी जिले की 12 दुकानें नहीं खुल सकी है। आबकारी विभाग का कहना है कि कैबिनेट के इस निर्णय से देवीधुरा, पाटी, भिंगराड़ा और पुलहिंडोला की शराब की दुकानें अब मोटर मार्ग के करीब खुल सकेंगी। इसके अलावा अब तक राज्य राजमार्ग में शामिल चंपावत-मंच-तामली, चंपावत-खेतीखान, लोहाघाट-देवीधुरा और धूनाघाट-रीठा साहिब मोटर मार्ग अब जिला मार्ग की श्रेणी में आ जाएगी। इस कारण इन मार्गों में भी दुकान खुल सकेगी। उधर, शनिवार को भी जिले की 16 में से महज चार दुकानें खुल सकी।