चंपावत का किराये में चल रहा राजकीय पॉलीटेक्निक।
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चंपावत। चंपावत के किराये में चल रहे राजकीय पॉलीटैक्रिक एक बार फिर खतरे में है। इस बार भवन के स्वामी (नगर पालिका) की ओर से पॉलीटेक्रिक को भवन खाली करने का नोटिस दिया गया है। नोटिस में नगर पालिका की ओर से भवन का दूसरे रूप में उपयोग करने सहित कई कारण बताए गए हैं।
2014 से चंपावत का राजकीय पॉलीटेक्रिक गोरलचौड़ मैदान के पास नगर पालिका के भवन में चल रहा है। फिलहाल चंपावत में इस वक्त सिर्फ एक ट्रेड (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन) में कुल 15 छात्र हैं। पॉलीटेक्रिक का दो करोड़ रुपये से बन रहा भवन अभी पूरा नहीं हुआ है। इसे पूरा होने में अभी छह माह और लगेंगे। मगर इस बीच भवन को खाली करने का नगर पालिका ने पॉलीटेक्रिक को नोटिस भेज दिया है। पॉलीटेक्रिक के प्राचार्य रोहित जोशी ने बताया कि पालिका की ओर से भवन को खाली कराने का 14 अगस्त को नोटिस मिला है। पालिका ने आमदनी में इजाफा करने के लिए भवन का व्यावसायिक रूप से उपयोग करने की बात कही है। भवन को तीन माह के भीतर खाली करना होगा। पालिका को नोटिस का जवाब भेज दिया गया है।
कोट
साढ़े नौ हजार रुपये किराये वाले इस भवन को खाली करना फिलहाल मुमकिन नहीं है। पॉलीटेक्रिक का अपना भवन इस वक्त निर्माणाधीन प्रक्रिया में है। अखिल भारतीय तकनीकी संस्थान के नियमों के मुताबिक किराये के भवन से अपने भवन में ही स्थानांतरण किया जा सकता है। ऐसा नहीं होने पर एआईसीटीई मान्यता रद्द कर सकता है। नगर पालिका के पत्र को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात कर मार्गदर्शन मांगा जाएगा।
रोहित जोशी,
प्राचार्य, राजकीय पॉलीटेक्रिक, चंपावत।