चंपावत/लोहघाट/टनकपुर। पुरानी पेंशन बहाली को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के आह्वान पर शिक्षकों और कर्मचारियों ने दीये जलाए।
इस दौरान सभी ने वर्ष 2004 की विज्ञप्ति में छूटे और 2005 के बाद नियुक्त समस्त शिक्षकों और कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ शीघ्र देने की मांग की। राजकीय शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पान सिंह मेहता, प्राथमिक शिक्षक संगठन चंपावत के मंत्री बंशीधर थ्वाल, बाराकोट के ब्लाक मंत्री रमेश चंद्र जोशी का कहना था कि शिक्षकों, कर्मचारियों की ओर से लंबे समय से पुरानी पेंशन बहाली की मांग की जाती रही है, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है।
कार्मिक अपने पूरे सेवा काल तक विभाग व सरकार के दिए गए कर्तव्यों का निर्वहन करता है और कोरोना के रोकथाम में अपनी जान की परवाह किए बिना अपने कार्य क्षेत्रों में डटे हैं, परंतु सरकार की ओर से उनकी जायज मांग पर कोई कार्रवाई न होने से कार्मिक मायूस हैं ।
कार्मिक जब सेवानिवृत्त होता है तो उसे नई पेंशन योजना के नाम पर सिर्फ छलावा ही मिलता है। कार्मिकों ने कहा है कि एक तरफ एक दिन के लिए विधायक, सांसद बनने पर भी विधायकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है और दूसरी तरफ जो विभागों की रीढ़ होते हैं उन कार्मिकों को 60 साल तक सेवा करने के उपरांत भी पुरानी पेंशन योजना से वंचित रखा जाता है जो कि अन्याय पूर्ण है।
नई पेंशन योजना शिक्षकों के वेतन से ही दी जाती है और इसमें किसी प्रकार की महंगाई एवं वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ नहीं मिल पाता। साथ ही नई पेंशन योजना बीमा कंपनियों के शेयर पर आधारित होती है और कार्मिकों के पैसे को बिना उसकी अनुमति के बीमा कंपनियों में लगाया जाना न्यायोचित नहीं है। उन्होंने दीप जलाकर पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की।
टनकपुर में दिया जलाकर मांग उठाने वालों में नागेेंद्र जोशी, हरीश पाठक, सुभाष सामंत, मोहित अग्रवाल, विनोद गहतोड़ी, गिरीश गहतोड़ी, हरीश पाठक, भुवन जोशी, मोनिका भट्ट, नरेंद्र दरीयाल, दीवाकर भट्ट, दीपक जोशी आदि शामिल थे।
घर में दिया जलाकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने की मांग करता कर्मचारी।- फोटो : TANAKPUR