टनकपुर (चंपावत)। पूर्णागिरि मेले में पैदल आवाजाही कर रहे श्रद्धालुओं पर हाथियों के हमले का खतरा है। तीन दिन पूर्व उचौलीगोठ के पास सड़क पर हाथी आने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा बंदोबस्त बढ़ा दिए हैं। पूर्णागिरि मार्ग पर नियमित गश्त के लिए पांच टीमें गठित की गईं हैं। दो कर्मचारियों को बूम पार्किंग स्थल के पास तैनात किया गया है।
इन दिनों पूर्णागिरि दर्शन के लिए आ रहे यात्रियों की दिन-रात आवाजाही हो रही है। टनकपुर से बूम तक जंगल से लगे इस मार्ग पर आए दिन हाथियों की भी आवाजाही रहती है। मेला मजिस्ट्रेट एसडीएम सुंदर सिंह के निर्देश पर वन विभाग ने पूर्णागिरि मार्ग पर गश्त बढ़ा दी है। रेंजर महेश सिंह बिष्ट ने बताया कि हाथी से सुरक्षा के लिए पांच टीमें गठित की गईं हैं। इन्हें हाथी भगाने के लिए पटाखे, बंदूक, टॉर्च आदि जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं।
हाथी झुंड ने आमबाग, ज्ञानखेड़ा में रौंदी फसल
टनकपुर। जंगल से लगे आमबाग और ज्ञानखेड़ा गांव में शनिवार रात हाथियों का झुंड घुस गया। हाथियों ने खेत में खड़ी गेहूं की फसल नष्ट कर दी। ग्राम प्रधान मोहिनी चंद ने बताया कि इससे सतीश चंद, करम चंद, नवीन चंद, हयात सिंह, अंबा दत्त पंत, पुष्कर चंद आदि किसानों को नुकसान हुआ है। हाथियों की आवाजाही से कई ग्रामीण भयभीत हैं। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देकर गांव और जंगल की सीमा पर सोलर फेंसिंग लगाने की मांग की है।