त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ईवीएम के स्थान पर बैलेट पेपर का प्रयोग करने से बड़ी संख्या में वोट खारिज हुए। चंपावत में जिला पंचायत की सभी 15 सीटों में प्रत्येक सीट पर औसतन 200 से अधिक वोट खारिज हुए। कुछ सीटों पर तो प्रत्याशियों को मिले वोटों से अधिक वोट गलत मोहर लगने के कारण निरस्त किए गए।
बाराकोट फरतोला सीट से जिला पंचायत सदस्य के लिए हुए मतदान में 7372 डाले गये मतों में से 273 मत निरस्त किए गए। थे। रैघांव सीट पर पड़े 8089 मतों में से 288 मत खारिज हुए। चंपावत विकासखंड की बिरगुल जिला पंचायत सीट पर 8366 मतों में 297, टनकपुर जिला पंचायत सीट पर डाले गए 12080 मतों में 452, भजनपुर सीट पर पड़े 7198 मतों में से 294, धूरा सीट में डाले गए 8054 मतों में से 284, शक्तिपुर बुंगा जिला पंचायत सीट पर डाले गए 6820 मतों में से 366 और भंडारबोरा पर डाले गए 6176 मतों में से 252 मत रद्द हुए।
विकासखंड लोहाघाट की जिला पंचायत सीट मटियानी में पड़े 6671 मतों में से 319, पाटनपाटनी सीट पर 7715 में 378, रायकोट कुंवर 9370 में से 475 मत रद्द हुए। विकासखंड पाटी की खरही सीट पर 7315 मतों में से 362, पटनगांव सीट पर 7408 मतों में से 330, कानीकोट में पड़े 6275 मतों में 311 मत रदद् हुए। जनकांडे सीट पर 6859 मतों में से 357 मत निरस्त हुए।
अपना वोट डाले बिना 140 वोटों से जीतीं ग्राम प्रधान
चंपावत। जिला मुख्यालय के दूरस्थ क्षेत्र बडोली की ग्राम प्रधान रीता थ्वाल बिना अपना वोट डाले ही ग्राम प्रधान बन गई। हुआ यूं कि पहले गांव वालों की सहमति से उनको निर्विरोध प्रधान बनाया गया था लेकिन दूसरे दिन एक नामांकन हो जाने से स्थिति खराब हो गई और सभी प्रत्याशियों को चुनाव लड़ना पड़ा जिसमें रीता थ्वाल 140 वोटों से विजयी हुई। रीता थ्वाल के पति गुणानंद थ्वाल ने बताया कि चुनाव से पहले उनकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई जिससे वह अपना वोट भी खुद को नहीं डाल पाईं। उसके बाद भी उन्होंने विजय हासिल की। उनकी जीत पर ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ब्यूरो