मेरे बुजुर्ग मेेरे तीर्थ योजना के तहत अब गुरुद्वारा श्रीरीठा साहिब में भी तीर्थयात्रियों की आवाजाही शुरू हो गई है। दिनेशपुर ऊधमसिंह नगर से 12 महिलाओं सहित 32 बुजुर्ग तीर्थयात्रियों का दल रीठासाहिब पहुंचा।
जिसमें से अधिकतर लोगों ने पहली बार यहां मीठे रीठे के चमत्कार के लिए प्रसिद्ध गुरुद्वारे में मत्था टेका। गुरुद्वारा में जत्थेदार बाबा श्याम सिंह ने सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत कर गुरुद्वारे का महत्व बताया।
यात्री दल में 83 वर्षीय सरन कौर, 80 वर्षीय अजीत सिंह समेत, बल्देव सिंह, इंदर सिंह, मलक सिंह, बाबा बिरसा सिंह, जागीर सिंह, राज सिंह, प्रकाश सिंह, गुरुमेघ सिंह आदि लोगों का कहना था कि यहां आने के बाद उन्हें काफी सुकून मिला।
पहले वे रीठासाहिब के बारे में केवल सुनते थे। उत्तराखंड सरकार की मेहरबानी से उन्हें गुरुघर के दर्शन करने का मौका मिला।
इन तीर्थयात्रियों का कहना था कि सरकार ने बुजुर्ग लोगों को सुविधा, सम्मान दोनों दिया है, लेकिन पर्यटन विभाग इस योजना को पलीता लगा रहा है।
तीर्थयात्रियों को न अच्छी जगह खाने की व्यवस्था की गई, और न ही चाय पानी की। अधिकांश तीर्थयात्रियों ने अपने प्रयासों से अपनी व्यवस्था की। इसके लिए पर्यटन विभाग को फीडबैक लेना चाहिए, ताकि उन्हें वास्तविकता पता चलती।