पीएमजीएसवाई की ओर से लधिया घाटी क्षेत्र में सड़क की भूमि का आठ साल बाद लोगों को क्षतिपूर्ति का मुआवजा दिया जा रहा है। मुआवजे के तौर तरीकों से यहां के लोग काफी गुस्साए हुए हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों की वास्तविक भूमि सड़क निर्माण में कटी है, उन्हें तो मामूली तौर पर मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि ऐसे कई लोग हैं, जिनकी भूमि कटे बगैर उन्हें मुआवजे की मोटी रकम दी जा रही है। मछियाड़ के तिलोमनी भट्ट, शिवदत्त्त भट्ट, हरीश जोशी, पूर्णानंद जोशी, देवीदत्त भट्ट आदि ने जिलाधिकारी से वास्तविक लोगों को मुआवजा देने हेतु उक्त प्रकरण की जांच कराने की मांग की है। उप प्रधान विद्यावती देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में ग्रामीणों का कहना था कि यदि इस प्रकरण की ईमानदार लोगों से जांच नहीं कराई गई तो ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। जरूरत पड़ी तो न्यायालय का द्वार भी खटखटा सकते हैं।