छात्राएं दरी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर
शिक्षक भी प्रधानाचार्य समेत 23 है जो कम है। हिंदी, अर्थशास्त्र और गृह विज्ञान के प्रवक्ता नहीं है। वहीं संस्कृत और सामान्य विज्ञान के एलटी संवर्ग के सहायक अध्यापक के पद भी रिक्त हैं। फर्नीचर के अभाव में हाईस्कूल और इंटर की छात्राएं दरी पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर है।
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परीक्षाफल अच्छा नहीं आने की प्रमुख वजह शिक्षा का पैटर्न बदलना तो है ही शिक्षकों की कमी और बच्चों के सामने अचानक सीबीएसई पैटर्न आना भी मुख्य वजह रही है। अब तक उत्तराखंड बोर्ड की पढ़ाई करने वाले बच्चे सीबीएसई पैटर्न को ठीक से कवर नहीं कर पाए।
-गीता चंद, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी टनकपुर।