चंपावत। जिले में आरटीई के तहत दो बार आवेदन प्रक्रिया पूरी की गई है। दाेनों बार में 342 बच्चों को आरटीई में प्रवेश दिया गया। इसमें आठ बच्चों ने किसी कारणवश इन कक्षाओं में प्रवेश नहीं लिया। अभी भी आरटीई के तहत 281 बच्चों को प्रवेश दिया जाना है।
वर्ष 2024-25 में आरटीई के बच्चों की संख्या कक्षा एक में 342 है। आरटीई के तहत निशुल्क पढ़ाई होने के बावजूद अभिभावकों की ओर से इस प्रक्रिया को जटिल समझकर आवेदन से दूरी बनाई जा रही है। इसके चलते वर्ष दर वर्ष आरटीई के बच्चों की संख्या लगातार घटती जा रही है। बीते चार वर्षों पर नजर करें तो यह संख्या घटी है। इस वर्ष भी 623 में से 342 बच्चों ने ही प्रवेश लिया है। अभी भी 281 बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश दिया जाना है। शिक्षा विभाग की मानें तो निजी विद्यालयों के करीबी वार्डों में बच्चों के नहीं मिलने से भी यह स्थिति पैदा हुई है।
जिला समन्वयक समग्र शिक्षा अभियान जसवंत सिंह पोखरिया ने बताया कि आरटीई के तहत बच्चों का चयन राज्य सरकार की ओर से लॉटरी के माध्यम से किया जाता है। प्रत्येक वर्ष के आरटीई के बच्चों की सीटें पोर्टल में दर्ज होती हैं।