चंपावत। जनपद में 27 प्राथमिक स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। डीएम नवनीत पांडेय की अध्यक्षता में जिला सभागार में राज्य सरकार की ओर से प्रारंभिक शिक्षा स्तर पर उत्कृष्ट स्कूल स्थापित किए जाने के लिए समीक्षा बैठक हुई।
सीईओ मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि उत्कृष्ट स्कूलों की स्थापना के लिए शैक्षिक, भौगोलिक और भौतिक संसाधनों से संबंधित मानकों पर खड़े स्कूलों का चयन किया जाएगा। इन स्कूलों की अवस्थिति, आधारभूत संरचना, बिजली कनेक्शन, तकनीकी उपकरणों की उपलब्धता, आंगनबाड़ी की निकटता, भूमि की उपलब्धता आदि प्रमुख बिंदु शामिल हैं। उत्कृष्ट स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर, पुस्तकालय, खेल मैदान, बालवाटिका की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रति स्कूल न्यूनतम चार शिक्षक या आरटीई मानकों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। विशेष आवश्यकता वाले बच्चे की आवश्यकता का विशेष ध्यान रखा जाएगा। उन्हें ट्रांसपोर्ट या एस्कॉर्ट के लिए परिवहन सुविधा के लिए विशेष धनराशि प्रति बच्चा प्रति दिवस 100 रुपये की दर से दी जाएगी। सीईओ ने बताया कि जिले में 26 राजकीय प्राथमिक स्कूल और एक उच्च प्राथमिक स्कूल को उत्कृष्ट स्कूल के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। डीएम ने कहा कि एसडीएम, बीईओ और बीडीओ की एक सब-कमेटी गठित की जाए। कमेटी जिले अवस्थित स्कूलों का निरीक्षण और विस्तृत सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी और रिपोर्ट के आधार पर उत्कृष्ट विद्यालयों का चिह्नीकरण किया जाएगा। यहां सीडीओ संजय कुमार, एडीएम जयवर्धन शर्मा, एसडीएम अनुराग आर्य, अलकेश नौडियाल, डीईओ मान सिंह, प्रकाश सिंह जंगपांगी, बीडीओ चंपावत अशोक अधिकारी, ईई लोनिवि एमसी पलड़िया, उप शिक्षा अधिकारी संजय भट्ट, कमल भट्ट आदि मौजूद रहे।
जिला स्तरीय कमेटी गठित
चंपावत। योजना के क्रियान्वयन के लिए डीएम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। समिति में सीडीओ, एसडीएम, सीईओ, आरटीओ या एआरटीओ, डीईओ, अधिशासी अभियंता लोनिवि, बीडीओ, बीईओ और उप शिक्षा अधिकारी को सदस्य के रूप में सम्मिलित किया गया है।