नेपाल सीमा से लगे दिगालीचौड़ के आईटीआई को बंद करने की भनक लगने से ग्रामीणों में नाराजगी है। आक्रोशित लोगों ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर आईटीआई बंद न करने की मांग की है। उन्होंने आईटीआई बंद करने के बजाय नए ट्रेड खोले जाने की मांग उठाई।
रविवार को ग्राम प्रधान मोनू बिष्ट के नेतृत्व में क्षेत्र के ग्राम प्रधानों और युवाओं ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम आरसी गौतम को सौंपा। ज्ञापन में कहा है कि दिगालीचौड़ में आईटीआई 2011 से संचालित किया गया था। इसमें इस साल अगस्त तक फिटर और इलैक्ट्रीशियन के ट्रेड संचालित हो रहे थे लेकिन सितंबर से शुरू नए शिक्षा सत्र में प्रवेश नहीं कराए गए।
लोगों ने बताया कि लोहाघाट ब्लॉक का एकमात्र आईटीआई है जिसमें करीब 24 ग्राम पंचायत से अधिक के युवा लाभ ले रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शासन स्तर से आईटीआई को बंद करने और यहां के स्टाफ को अन्यत्र शिफ्ट करने की योजना बनाई जा रही है। आईटीआई के भवन निर्माण में भी दो करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। ग्रामीणों ने आईटीआई को बंद करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान पवन कुमार, प्रकाश नेगी, गुड्डू वर्मा, योगेश रैंसवाल, लक्ष्मण भंडारी, पंकज उप्रेती, जगदीश जोशी, रमेश भंडारी, मनोज तिवारी, कमल किशोर, दीवान भंडारी, ललित वर्मा, संजय कुमार, मनोज सिंह, दीपक बिष्ट, दीपक उप्रेती आदि थे। इधर आईटीआई के निदेशक आरएस मर्तोलिया का कहना है कि राज्य मान्यता वाले संस्थानों के संचालन की फिलहाल अनुमति नहीं मिली है। जब अनुमति मिलेगी तभी इनका संचालन किया जाएगा।