डीएम दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम चयन के लिए शासन से मानक और मार्गदर्शन प्राप्त हो गए हैं। कहा कि प्रत्येक ब्लॉक से एक एक ग्राम का चयन के बाद योजना के प्रथम चरण में कृषि, बागवानी, हस्तशिल्प और हस्तकला से संबंधित आर्थिक गतिविधियों में अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायत का चयन किया जाएगा। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में डीएम ने कहा कि ग्राम पंचायत का चिन्हीकरण, अधिसूचना, वातावरण निर्माण तथा ग्राम पंचायत की आवश्यकताओं का निर्धारण सात फरवरी तक किया जाएगा तथा ग्राम सभा की बैठक का 23 फरवरी तक अनुमोदन किया जाएगा। शासन से स्वीकृति के बाद ग्राम पंचायत स्तर पर कार्रवाई होगी।
मानकों के अनुसार चयनित ग्राम पंचायत की जनसंख्या पहाड़ी क्षेत्र में कम से कम पांच सौ तथा मैदानी क्षेत्र में कम से कम एक हजार होगी। उन्होंने परियोजना निदेशक को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए एक एक नोडल अधिकारी नामित करने के साथ तीन फरवरी को मुडियानी, चार फरवरी को पउ, पांच फरवरी को तल्ला बापूरू तथा छह फरवरी को गोशनी में रेखीय विभाग के अधिकारियों के साथ ग्रामों में बैठक करें। बैठक में परियोजना निदेशक हरगोविंद भट्ट, डीडीओ विवेक उपाध्याय, उप निदेशक केएन तिवारी, सीएमओ डॉ. वीएस टोलिया, डीएचओ एचसी तिवारी, पीएस भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी आरएस ऐरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी सहित सभी बीडीओ मौजूद रहे।