लोहाघाट (चंपावत)। नगर, ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। लोहाघाट, पाटी, बाराकोट में पेयजल के लिए लोगों को लंबी पैदल दूरी तय करनी पड़ रही है। पानी ने लोगों की दिनचर्या को बिगाड़ दिया हैं। हालांकि जल संस्थान की ओर से नगर के लिए टैंकरों, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पिकअप के जरिए जलापूर्ति की जा रही है, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रही हैं। लोहाघाट नगर में लोगों को जहां चौथे दिन पानी मिल रहा है।
उसमें भी बमुश्किल आधा घंटा ही पानी नसीब हो रहा है। कुछ लोग पेयजल लाइनों में टुल्लू पंप लगाकर अन्य लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। जल संस्थान की ओर से ऐसे लोगों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। फोर्ती, राईकोट, खूनाबोरा, चौड़ी, सुई, पाटन पाटनी, गलचौड़ा, रौंतली माहरा, पुलहिंडोला, बाराकोट, पम्दा, पाटी आदि सभी स्थानों के लोग गाढ़ गधेरों से पानी लाने को मजबूर हैं। लोग हैंडपंपों, नौलों, धारों आदि स्थानों में पानी के लिए सुबह से ही लाइन में रहे हैं। पानी ने लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है।
लोहाघाट (चंपावत)। जलकल अभियंता पवन बिष्ट के अनुसार गर्मी के चलते अधिकतर जल स्रोतों में करीब 75 फीसदी तक कमी आ गई है। पिकअप के जरिए जलापूर्ति कर लोगों को राहत देने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि लोहाघाट नगर के मुख्य टैंक में तीन टैंकरों से लगातार जलापूर्ति की जा रही है, जबकि चौड़ी, फोर्ती, खूना, बाराकोट आदि स्थानों में तीन दिन के अंतराल में पिकअप से जलापूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अच्छी वर्षा नहीं होती है तो हालात इससे भी बदतर हो सकते हैं।
चंपावत। जिला मुख्यालय के विभिन्न वार्डों में पेयजल संकट लगातार बना हुआ है। जल संस्थान की ओर से अभावग्रस्त क्षेत्रों में रोस्टर के अनुरूप टैंकर, पिकअप के जरिए पानी बांटा जा रहा है। जीआईसी रोड, कनलगांव, जूप, मल्लीहाट, तल्लीहाट आदि