चंपावत। तपिश के चलते चंपावत में पेयजल संकट गहरा गया है। अब लोगों को तीन दिन में एक बार भी नलों में पानी मिलना कठिन हो रहा है। अधिकांश जगह बूंद-बूंद पानी मिल रहा है। लोग नौले, हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। साथ ही जल संस्थान टैंकर और पिकअप के जरिये सर्वाधिक किल्लत वाली जगहों में पेयजल की आपूर्ति कर रहा है।
इस साल मार्च से ही लोग घोर पेयजल किल्लत से जूझ रहे हैं। चंपावत नगर में ही जीआईसी मोहल्ला, शांत बाजार, खड़ी बाजार, ब्लॉक क्षेत्र सहित कई हिस्से पानी की कमी झेल रहे हैं। यहां लोगों को नलों के जरिये तीन-तीन दिन में एक बार पानी मिलना चुनौती बन रहा है। इसके चलते शहर के लोगों को भी दूरदराज नौलों और हैंडपंपों से पानी ढो रहे हैं। यहां तक कि जिला अस्पताल का काम भी टैंकरों से मिल रहे पानी से चल रहा है।
चंपावत नगर क्षेत्र में 23.60 लाख लीटर रोजना के सापेक्ष इस वक्त पांच लाख लीटर (21.18 प्रतिशत) से भी कम पानी मिल पा रहा है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा का कहना है कि जल स्रोतों के सूखने से परेशानी बढ़ी है। अलबत्ता संस्थान दो टैंकर और पांच पिकअप के जरिए रोजाना 25 हजार लीटर पानी लोगों को मुहैय्या करा रहा है।
जीआईसी परिसर में सवा माह से ठप है पेयजल आपूर्ति
चंपावत। यहां जीआईसी परिसर में बीते सवा महीने से पेयजल आपूर्ति ठप है। यद्यपि स्कूल बंद होने से छात्राओं को तो परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन कॉलेज जाने वाले शिक्षक और आवासीय परिसर में रहने वाले स्टाफ को पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है। प्रधानाचार्या निधि सक्सेना ने बताया कि पेयजल संकट की जानकारी विभाग को दिए जाने के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हो सका है। जल संस्थान के अपर सहायक अभियंता परमानंद पुनेठा ने बताया कि जल्द ही खामी दूर कर आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।