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गाढ़-गधेरों, नौलों और हैंडपंपों में लग रही पानी के लिए लाइन

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लोहाघाट के रामलीला मैदान में लगे सोलर हैंड पंप भरने के लिए लगी लोगों की भीड़। - फोटो : LOHAGHAT
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जल स्रोतों में भारी कमी आने के कारण नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। लोग गाढ़ गधेरों, नौंलों, हैंड पंपों के पानी से अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हो गए हैं। सुबह से ही लोग गाढ़-गधेरों, नौलों और हैंडपंपों में पानी के लिए लाइन लगाने को विवश हो गए हैं। जिला मुख्यालय के विभिन्न वार्डो में जल संस्थान की ओर से दो टैंकरों और पांच पिकअप वाहनों के जरिए पानी उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन यह पानी नाकाफी साबित हो रहा है। लोगों ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी जल संस्थान से टेंकरों के जरिए पानी बंटवाने की मांग उठाई है।
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लोहाघाट नगर में तीसरे या चौथे दिन बहुत कम मात्रा में लोगों पानी मिल पा रहा है। लोग नर्सरी गधेरे, अक्कल धारे, शिवालय मंदिर के स्टेंड पोस्ट, हैंड पंपों से पानी भरने को मजबूर हैं। रामलीला मैदान के पास नगर पंचायत की ओर से लगाए गए सोलर हैंडपंप से पानी भरने वालों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इधर गुमदेश के चमदेवल क्षेत्र में भी गंभीर पेयजल संकट गहराया हुआ है। क्षेत्र में चैतोला मेला होने के चलते काफी लोग बाहरी क्षेत्रों से गांव में पहुंचे हुए हैं। पेयजल समस्या से लोगों को जूझना पड़ रहा है। लोग दो से तीन किमी दूर गधेरों से पानी ढोने को मजबूर हैं।
रायनगर चौड़ी, कलीगांव, खूना बोरा, फोर्ती आदि गांवों में लोग पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। लोगों ने जल संस्थान से टैंकरों से पेयजल आपूर्ति करने की मांग की है। इधर जल संस्थान के सहायक अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि लंबे समय से बारिश न होने से पेयजल स्रोतों का जल स्तर 50 फीसदी से भी अधिक कम हो गया है। कुछ स्थानों पर टैंकरों के जरिए पानी का वितरण शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में पिकअप से पानी का वितरण किया जाएगा।

चंपावत के कनलगांव वार्ड में पिकअप के जरिए पेयजल वितरण किया गया।- फोटो : CHAMPAWAT

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