चंपावत। जिला अस्पताल के सर्जन डॉ. राहुल चौहान ने इस्तीफा दे दिया है। अस्पताल के प्रमुख चिकित्साधीक्षक को दिए त्यागपत्र में उन्होंने वेतन मिलने में देरी और निजी कारणों का हवाला दिया है। हालांकि पीएमएस का कहना है कि अभी उन तक त्यागपत्र नहीं पहुंचा है।
डॉ. राहुल ने 18 जून 2020 को जिला अस्पताल में कार्यभार संभाला था। यह उनकी पहली तैनाती थी। अब उन्होंने चंपावत जिला अस्पताल से नाता तोड़ लिया है। बृहस्पतिवार को वह अस्पताल नहीं आए। डॉ. चौहान का कार्यकाल तीन महीने से भी कम रहा। इतने कम समय में भी वह अपने काम के दम पर खासे लोकप्रिय रहे। डॉ. राहुल ने फोन पर बताया कि उन्होंने जून में कार्यभार संभाला था, लेकिन तब से वेतन नहीं मिला। इस्तीफा देने के पीछे कुछ निजी कारण भी हैं।
मैं इस वक्त क्वारंटीन हूं। मुझे न तो इस्तीफे की जानकारी हैं और न ही इससे संबंधित कोई पत्र मिला है। पत्र मिलने पर स्वास्थ्य महानिदेशक को अग्रसारित किया जाता है। इस पर कोई निर्णय न होने तक अनुपस्थिति लगेगी।
- डॉ. आरके जोशी, पीएमएस, जिला अस्पताल, चंपावत।
84 दिन, 55 ऑपरेशन और फिर... इस्तीफा
चंपावत। सर्जन डॉ. राहुल चौहान की जिला अस्पताल में सिर्फ 84 दिन की सेवा रही, लेकिन अपनी कार्यशैली की वजह से वे मरीजों के बीच खासे लोकप्रिय थे। इस अवधि में उन्होंने 55 ऑपरेशन किए। शानदार सेवा के लिए उन्हें विधायक कैलाश गहतोड़ी ने सम्मानित भी किया था। ऐसे में उनके इस्तीफे के पीछे कई दूसरे कारण होने की चर्चा है।
डॉ. चौहान ने जिला अस्पताल में एपेंडिक्स, हर्निया, पथरी, हाइड्रोसील के साथ ही मरीजों के कई बड़े ऑपरेशन किए। इसके चलते क्षेत्र के कमजोर वर्ग के लोगों को बेहतरीन सेवा मिल रही थी। जब विधायक कैलाश गहतोड़ी ने अस्पताल का मुआयना किया था तो उनके काम के सराहना की थी। बताते हैं कि अस्पताल में इलाज को लेकर कुछ विभागीय सहयोगियों से उनकी राय मेल नहीं खाती थी। काम के लिए अच्छी कार्यक्षमता वाला स्टाफ देने की बात भी उन्होंने दो बार सार्वजनिक तौर पर कही थी।
दो साल पहले माइक्रो बायोलॉजिस्ट ने भी दिया था इस्तीफा
चंपावत। डॉ. चौहान जिला अस्पताल में इस्तीफा देने वाले पहले नहीं है। उनसे पूर्व माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. रजनी शर्मा ने दो साल पूर्व स्वास्थ्य महानिदेशक को इस्तीफा भेजा था। इस्तीफा तो स्वीकार नहीं हुआ, लेकिन इसी साल 30 जुलाई को शासन ने लंबे समय से गैर हाजिर 17 अन्य डॉक्टरों के साथ उन्हें भी बर्खास्त कर दिया।