पूर्णागिरि मार्ग पर आया मलबा हटाती जेसीबी।
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मलबा गिरने से बंद हुआ मां पूर्णागिरि धाम मार्ग दूसरे दिन रविवार शाम साढ़े तीन बजे खोला जा सका। हालांकि, अब भी मार्ग पर मलबा आने का खतरा बना है। मार्ग खोलने के लिए लोनिवि की टीम जेसीबी से जुटी रही। पहाड़ी से रुक-रुक कर गिर रहे मलबे से काम में व्यवधान आया। वहीं, मार्ग बंद होने से डेढ़ सौ से ज्यादा वाहन और यात्री शनिवार की दोपहर से पूर्णागिरि में फंसे रहे। मार्ग खुलने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
शनिवार सुबह करीब नौ बजे से पूर्णागिरि मार्ग पर हनुमान चट्टी के पास पहाड़ी का मलबा गिरना शुरू हो गया था। सूचना पर लोनिवि की टीम ने जेसीबी से मलबा हटाकर दोपहर करीब एक बजे मार्ग खोल दिया था, लेकिन आधे घंटे के बाद डेढ़ बजे से फिर से मलबा गिरना शुरू हो गया। मार्ग बंद होने पर पूर्णागिरि जा रहे यात्री तो हनुमान चट्टी से लौट आए, लेकिन पूर्णागिरि की ओर काफी संख्या में वाहन और यात्री फंसे रह गए। शनिवार देर रात तक पहाड़ी से रुक-रुक कर मलबा गिरने से मार्ग खोलने का काम बाधित रहा।
सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस फोर्स तैनात करना पड़ा। एसडीएम अनिल गर्ब्याल ने भी हनुमान चट्टी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और लोनिवि के अधिकारियों को सुरक्षात्मक तरीके से मार्ग शीघ्र खोलने और मंदिर समिति को फंसे यात्रियों की मदद करने को कहा। पूर्णागिरि धाम के पुजारी मोहन चंद्र पांडेय के मुताबिक हनुमान चट्टी से सेलागाड़ तक डेढ़ सौ से ज्यादा वाहन और निजी वाहनों से आए काफी संख्या में यात्री फंसे रहे।
उधर, लोनिवि के एई एपीएस बिष्ट के नेतृत्व में रविवार सुबह से ही विभाग की टीम मार्ग खोलने के प्रयास में जुटी रही। एई बिष्ट ने बताया कि मलबा हटाने के लिए दो जेसीबी लगाई गई है। शाम साढ़े तीन बजे मार्ग खोल दिया गया।