जिले में जहां रेग्यूलर पुलिस थानों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई स्थानों पर चौकियों और थानों का संचालन दूसरे भवनों में किया जा रहा है, वहीं राजस्व विभाग की ओर से विभिन्न स्थानों पर पटवारी चौकियों की स्थापना तो कर दी गई है, लेकिन इन पटवारी चौकियों में अक्सर ताले लटके रहते हैं। पाटी विकासखंड के भिंगराड़ा में तो नौ माह से पटवारी चौकी का ताला तक नहीं खुला है। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है ग्रामीणों को किस तरह की दिक्कतें होती होंगी।
एक दशक पहले राजस्व विभाग ने ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी पट्टी-पटवारी क्षेत्रों में पटवारी चौकियों का निर्माण कराया था, लेकिन अधिकांश स्थलों पर यह पटवारी चौकियां अब ग्रामीणों के लिए परेशानी बनी हुई है। भिंगराड़ा के अलावा टाकखंदक पटवारी चौकी में नौ माह से ताला लटका है, जिस कारण बालातड़ी, खरही, चल्थियां, भिंगराड़ा, गड्यूरा आदि ग्राम पंचायतों के निवासियों को पाटी तहसील के चक्कर काटने पड़ते हैं। इस संबंध में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की ओर से समय-समय पर विभिन्न माध्यमों से शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जाता रहा है, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
युवाओं को हो रही सर्वाधिक परेशानी
जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र भिंगराड़ा में स्थित पटवारी चौकी के नहीं खुलने से सर्वाधिक परेशानी युवाओं को हो रही है, जिन्हें रोजगार, सेना आदि में भर्ती के लिए राजस्व विभाग से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र बनाने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक शर्मा का कहना है कि बीते दिनों हल्द्वानी में हुई सेना की भर्ती रैली में यहां के कई युवा आय, जाति और स्थायी निवास प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण शामिल नहीं हो सके।
जल्द दूर होगी पटवारियों की कमी
पाटी के तहसीलदार बीएस माहरा के अनुसार वर्तमान में पटवारियों की कमी के कारण कार्य संचालन में दिक्कतें आ रही हैं। एक पटवारी के पास दो-दो पटवारी चौकियों का चार्ज है। उनका कहना है कि तहसील में पटवारियों की कमी जल्द दूर होगी। वर्तमान में शासन की ओर से राजस्व उप निरीक्षकों की तैनाती के लिए नियुक्ति प्रक्रिया गतिमान है, जिसमें जिले में 21 राजस्व उप निरीक्षकों के पद भरे जाएंगे।