चंपावत। जिला मुख्यालय का दूरस्थ कोट अमोड़ी क्षेत्र सड़क सुविधा के अभाव से जूझ रहा है। ग्राम पंचायत के लोग आज भी सड़क सुविधा के अभाव में जीवन यापन करने को मजबूर हैं। ऐसे में यहां से मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली जीवनदायिनी बनी हुई है।
यहां के युवाओं ने बीते एक सप्ताह में दो बार पांच किलोमीटर दूर से मरीज को डोली के सहारे मुख्य मार्ग तक पहुंचाया। यहां के युवा ही मरीजों के लिए देवदूत बने हुए हैं। ग्रामीण दिनेश भट्ट, शंकर भट्ट, ईश्वरी दत्त भट्ट, निकेश भट्ट, जगदीश भट्ट आदि का कहना है कि सड़क सुविधा न होने से यहां के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी समस्या बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने में आती है। एक सप्ताह के अंतर्गत यहां के युवाओं ने दो बार मरीज को डोली के सहारे मुख्य मार्ग तक पहुंचा कर बीमार व्यक्ति की जान बचाई है।
सड़क की मांग के लिए लंबे समय से आंदोलनरत है ग्रामीण
चंपावत। सड़क सुविधा की मांग के लिए कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत के लोग काफी लंबे समय से आंदोलनरत हैं । फिछले काफी समय से यहां के लोगों की ओर से सड़क के लिए जनप्रतिनिधियों सहित अनेक लोगों को ज्ञापन भी सौंपा गया है, मगर अभी तक कोई लाभ नही मिल सका। जनप्रतिनिधियों की ओर से कई बार ग्रामीणों को आश्वासन तो दिया गया मगर वादे पूरे न हो सके।(संवाद)
सड़क न होने से कई परिवार कर चुके हैं पलायन
चंपावत। कोट अमोड़ी ग्राम पंचायत में सड़क न होने से यहां से बड़ी संख्या में लोग पलायन कर चुके हैं। 650 वोटरों वाली इस ग्राम पंचायत में वर्तमान में महज 100 परिवार रह रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार अब उनके पास रोड नहीं तो वोट नहीं का रास्ता ही एक मात्र विकल्प बचता है।(संवाद)