चंपावत। डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने विभागीय अधिकारियों को चालू वित्तीय वर्ष में अवमुक्त धनराशि के सापेक्ष विभिन्न योजनाओं में जरूरी राशि व्यय करने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को जिला योजना की समीक्षा बैठक में उन्होंने बची राशि को तत्काल हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह जरूरत के अनुसार ही अपने पास राशि रखें।
अनावश्यक राशि तत्काल हस्तांतरित करें ताकि अतिरिक्त राशि जरूरतमंद विभागों को देकर सदुपयोग किया जा सके। उन्होंने सभी निर्माण एजेंसियों से कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी विभागीय अधिकारी अनावश्यक रूप से बिलों को लंबित न रखें। समय से बिलों का भुगतान करें।
डीएम ने बीस सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए बी, डी श्रेणी के विभागों को कड़ी मेहनत लगन, ईमानदारी से कार्य करते हुए जिले को ए श्रेणी में लाने के सख्त निर्देश दिए। जिला अर्थ एवं सांख्यिकीय अधिकारी एनबी बचखेती ने बताया कि जिला योजना में जल निगम, चिकित्सा, आयुर्वेदिक, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, महिला कल्याण, मत्स्य पालन, दुग्ध संघ, सहकारिता, ग्रामीण एवं लघु उद्योग, खादी ग्रामोद्योग, कला संस्कृति विभाग की ओर से अवमुक्त राशि के सापेक्ष शत प्रतिशत व्यय कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि जिला योजना में अवमुक्त राशि के सापेक्ष सबसे कम 28.18 प्रतिशत राशि का व्यय सेवायोजन विभाग ने किया है। उन्होंने बताया कि लघुडाल ने 32.15 प्रतिशत, वन विभाग ने 56.52 प्रतिशत, वैकल्पिक ऊर्जा ने 67.03 प्रतिशत राशि का व्यय किया।
बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत ए श्रेणी में 16 विभाग, बी श्रेणी में पांच विभाग, डी श्रेणी में तीन विभाग है। बैठक में सीडीओ हरगोविंद भट्ट, सीवीओ डॉ. पीसी भंडारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी पीसी जोशी, जल संस्थान ईई विशाल कुमार, लोनिवि ईई डीडी भट्ट, मुख्य शिक्षाधिकारी डीएस राजपूत, शिक्षाधिकारी बेसिक सत्यनारायण आदि थे।