बारहमासी सड़क निर्माण का काम करा रही शिवालया कंपनी के प्रतिनिधि ने बिना प्रशासन की अनुमति के राष्ट्रीय राजमार्ग में चलने वाले वाहनों का रूट बदल दिया। रूट बदलने से राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहे वाहन बनलेख से वाया ललुवापानी होते हुए चंपावत पहुंचे। तकरीबन एक घंटे तक यह रूट डायवर्ट रहा। जानकारी मिलने पर प्रशासन और पुलिस के हाथ पांव फूल गए। बाद में पुलिस ने रूट डायवर्ट करने वाले शिवालया कंपनी के प्रतिनिधि का 81 पुलिस एक्ट में चालान किया है।
बारहमासी सड़क निर्माण के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुड़ियानी से बनलेख के बीच काफी मलबा फैला है। बुधवार को पूर्वाह्न में हुई बारिश से इस हिस्से में जबरदस्त कीचड़ हो गया। कीचड़ होने से वाहनों का इस सड़क से निकलना बेहद जोखिम भरा हो गया। कोतवाल सलाहउद्दीन खान ने बताया कि कीचड़ के चलते जाम लगने से शिवालया कंपनी के एक कर्मचारी ने बिना प्रशासन की अनुमति के बनलेख से वाहनों का रूट बदल दिया। जिसके बाद यहां से गुजरने वाले वाहन ललुवापानी होते हुए चंपावत पहुंचे। इसी तरह से चंपावत से गुजरने वाले वाहन भी वाया ललुवापानी बनलेख पहुंचे। इस दौरान वाहनों को नौ किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ी।
वाहनों रूट बदलने की जानकारी मिलने पर जिला और पुलिस और प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। खोजबीन के बाद पता लगा कि शिवालया कंपनी के प्रतिनिधि पीडी जोशी ने बनलेख और मुड़ियानी के बीच कीचड़ होने के चलते बिना किसी की अनुमति के वाहनों का रूट बदल दिया। पुलिस ने आरोपी शिवालया कंपनी के प्रतिनिधि पीडी जोशी को हिरासत में लिया। बाद में उसके खिलाफ 81 पुलिस एक्ट के तहत चालान की कार्रवाई की गई। वाहनों के अचानक रूट बदले जाने से अफरा तफरी का माहौल रहा। इससे लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। तकरीबन एक घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग से आवाजाही सुचारु हो सकी।
कोट
राष्ट्रीय राजमार्ग पर बिना अनुमति वाहनों का रूट डायवर्ट करना गंभीर मामला है। रूट बदलने की जानकारी प्रशासन को नहीं दी गई। रूट डायवर्ट करने से पहले जिला प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी है। इससे पूर्व भी काम में लापरवाही करने पर शिवालया कंपनी के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करने की संस्तुति जिलाधिकारी स्तर से की गई है। -सीमा विश्वकर्मा, एसडीएम, चंपावत
कोट
बनलेख से मुड़ियानी के बीच कलमठ और सोलिंग के काम के कारण गड्ढ़े खोदे गए हैं। जिससे यहां बरसात में कीचड़ हो रहा है। शिवालया कंपनी ने दस जून तक सड़क पर फैले मलबे को हटाने की बात कही है। तय समय पर मलबा नहीं हटाने पर संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एलडी मथेला, अधिशासी अभियंता, राष्ट्रीय राजमार्ग
एसडीएम भी जाम में फंसी
चंपावत। बुधवार को अचानक रूट डायवर्ट होेने से अफरा तफरी का माहौल रहा। एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा भी तकरीबन बीस मिनट तक जाम में फंसी रहीं। खेतीखान रोड से बड़े वाहनों के गुजरने से आधा घंटे तक जाम लगा रहा। जिस वजह से रोडवेज की बस, मालवाहक ट्रकों के साथ ही इस रूट से ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाली टैक्सियां जाम में फंसी रही।
बनलेख मुड़ियानी के बीच जोखिम भरी रही आवाजाही
चंपावत। बनलेख से मुड़ियानी के बीच तकरीबन दो किमी. के हिस्से में बरसात के दौरान आवाजाही बेहद जोखिम भरी बनी हुई है। इस हिस्से में 18 से अधिक कलमठ बनाने के लिए सड़क पर गड्ढे खोदे गए हैं। जिस वजह से सड़क पर ही मलबा फैला हुआ है। मामूली बरसात में इस क्षेत्र में जबरदस्त कीचड़ हो रहा है। बुधवार को भी कीचड़ में फिसलने से कई वाहन एक दूसरे से टकराते टकराते बचे। कई वाहन कीचड़ में फंसे रहे। इसके अलावा दुपहिया वाहनों के लिए भी सड़क में फैला कीचड़ खतरे का सबब बन रहा है।
छोटे वाहनों के लिए पास है बनलेख ललुवापानी सड़क
चंपावत। बुधवार को रूट डायवर्जन के बाद जिस सड़क से वाहनों की आवाजाही की गई दरअसल वह सड़क बड़े वाहनों के लिए नहीं बनी है। लोनिवि के स्वामित्व वाली बनलेख-ललुवापानी सड़क सिर्फ छोटे वाहनों की आवाजाही के लिए ही बनी है। इसके अलावा इस सड़क पर कई जगह स्कबर क्षतिग्रस्त हैं। रोडवेज बस चालक मनोज सिंह का कहना है कि यह सड़क बेहद संकरी और बड़े वाहनों के लिए जोखिम भरी है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि आवाजाही के दौरान अगर यहां कुछ अनहोनी होती तो इसके लिए जिम्मेदार कौन होता?