बनबसा (चंपावत)। बरसात में हुड्डीनदी से आने वाली बाढ़ से बचाव को प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है। नदी मार्ग बदलने को जेसीबी लगाकर नदी का मैटीरियल ग्रामीण तट पर जमा किया जा रहा है। बरसात में हुड्डीनदी कई वर्षों से गांव के तट पर भूकटाव करती आ रही है।
क्षेत्र में बाढ़ आने के कारणों के तहत डीएम डॉ. मो. इकबाल ने क्षेत्र का भ्रमण कर जायजा लिया था। शासन से अनुमति मिलने के बाद उन्होंने हुड्डीनदी मार्ग को गांव की ओर से दूसरी ओर मोड़ने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को एसडीएम नरेश चंद्र दुर्गापाल के नेतृत्व में हुड्डीनदी को डायवर्ट करने का कार्य शुरू कर दिया गया।
एसडीएम ने बताया कि प्रशासन, वन विभाग, सिंचाई विभाग, लोनिवि की एक कमेटी का गठन किया गया है। जिसकी मौजूदगी में नदी के मार्ग को डायवर्ट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रिवर बेड मैटीरियल (आरबीएम) को उठाकर गांव की सीमा की ओर जमा कर काफर डाम बनाया जाएगा, जिससे नदी के पानी का रुख गांव की ओर न हो सके।
इस दौरान सीओ राजन सिंह रौतेला, तराई पूर्वी वन प्रभाग के ट्रेनी आईएफएस अमित कुंवर, रेंजर सुरेश चंद्र मैंदोला, लोनिवि के ईई आरके यादव, सिंचाई विभाग के एई डीसी कांडपाल, ग्राम प्रधान गंगा गुरुंग, रमेश चंद, विपिन रौतेला आदि थे।
बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बहने वाली हुड्डीनदी बरसात में उफान में आने के बाद कहर बरपाती है। पिछले दो दशकों से यह नदी बरसात में चंदनी, आनंदपुर, बमनपुरी गांव में लगातार भूकटाव कर रही है। नदी से चुगान न होने के चलते बरसात में उफनाई नदी आनंदपुर गांव से ओवरफ्लो होकर क्षेत्र में भूकटाव करती है।