पंचेश्वर में वाटर एंड पावर कंसल्टेंसी सर्विस की ओर से बांध निर्माण के लिए किए जा रहे सर्वे का ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने स्थलीय जायजा लिया। ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण करते हुए पाया कि सर्वे कार्य में नेपाली एवं बिहारी श्रमिक लगाए गए हैं। सर्वे कार्य में लगी चंडीगढ़ की शिवालिक जियोटेक सर्विस की ओर से स्थानीय श्रमिकों की उपेक्षा पर नाराजगी व्यक्त की गई।
जियोटेक ने अब तक नौ टेस्ट किए हैं, जिसमें 380 मीटर गहराई के चार होल भारतीय सीमा और इतने ही नेपाल सीमा पर बनाए हैं। महाकाली नदी के मध्य में तीन सौ मीटर गहराई का एक होल बनाया गया है। भारत-नेपाल सरकार के संयुक्त उपक्रम के कार्य में स्थानीय श्रमिकों को रोजगार नहीं देने पर ग्रामीणों में नाराजगी थी। जिसे देखते हुए ब्लॉक प्रमुख ने जनप्रतिनिधियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। ब्लॉक प्रमुख ने कंपनी के अधिकारियों को स्थानीय श्रमिकों को रोजगार देने को कहा।
अधिकारियों का कहना था कि अभी कुशल श्रमिकों से यहां कार्य लिया जा रहा है। अकुशल श्रमिकों की आवश्यकता होने पर स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता के आधार पर काम में लगाया जाएगा। ब्लॉक प्रमुख के साथ शंकर कलौनी, लाल सिंह, उमाशंकर बिष्ट आदि जनप्रतिनिधि थे।