लोहाघाट (चंपावत)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के लोहाघाट दौरे को बाराकोट के लोगों ने क्षेत्र लिए निराशाजनक बताया। बाराकोट के भाजपा कार्यकर्ताओं, जन प्रतिनिधियों और लोगों ने सीएम के दौरे में क्षेत्र की मांगों को कोई तवज्जो न देने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है।
लोगों का कहना है कि वह सीएम के लोहाघाट दौरे पर डिग्री कॉलेज खोलने, तहसील भवन, एसडीएम के पद का सृजित करने, मिनी स्टेडियम, हेलीपैड, गेस्ट हाउस, गैस एजेंसी और पीएचसी का उच्चीकरण करने की उम्मीद लगाए हुए थे। हालांकि सीएम धामी ने बाराकोट क्षेत्र में दो सड़कों की स्वीकृति और सुधारीकरण करने की घोषणा की है लेकिन मुख्य मांगों को किनारे कर दिया। इससे यहां के लोग निराश है। लोगों ने सीएम से बाराकोट क्षेत्र की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की है।
कोट
लंबे समय से तहसील भवन, एसडीएम के पद का सृजन, मिनी स्टेडियम, हेलीपैड, गेस्ट हाउस और पीएचसी का उच्चीकरण करने की मांग की जा रही है। इसके लिए देहरादून में भी कई बार यह मांगें उठाई जा चुकी हैं। सीएम के लोहाघाट दौरे पर इन मांगों पर कोई घोषणा न होना निराशाजनक है। - नंदाबल्लभ बगौली, ज्येष्ठ उप प्रमुख, बाराकोट।
बाराकोट ब्लाॅक में डिग्री कॉलेज खोलने की मांग को लगातार अनसुना किया जा रहा है। दूरस्थ सिमलखेत आदि स्थानों के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित होने को मजबूर हैं। तहसील में एसडीएम का पद सृजित करने, स्थाई तहसीलदार की नियुक्ति करने, एसडीएम, तहसीलदार के आवासीय भवन बनाने आदि मांग भी पूरी नहीं की गईं। - संजय वर्मा, व्यापार मंडल अध्यक्ष, बाराकोट।
सीएम के दौरे से बाराकोट ब्लाॅक को निराशा हाथ लगी। ब्लाॅक में आठ इंटर कॉलेज हैं लेकिन एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है। आठ इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए लोहाघाट, चंपावत या पिथौरागढ़ जाना पड़ता है लेकिन वहां भी उन्हें आसानी से प्रवेश नहीं मिल पाता है। - मदन मोहन जोशी, भाजपा कार्यकर्ता, बाराकोट।
सीएम धामी का लोहाघाट दौरा बाराकोट ब्लाॅक के लिए निराशा भरा रहा। पाटी ब्लाॅक में दो डिग्री कॉलेज और लोहाघाट में एक पीजी कॉलेज है लेकिन बाराकोट में डिग्री कॉलेज खोजने की मांग को हमेशा लटकाया जा रहा है। सरकार बाराकोट के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। बाराकोट में भी जल्द डिग्री कॉलेज खोला जाना चाहिए। - राकेश बोहरा, ग्राम प्रधान, ओखलंज।