चंपावत। चंपावत जिले में करीब 1.75 लाख मतदाता हैं, लेकिन इनमें से करीब 3800 ऐसे हैं, जो अपना लोकतांत्रिक हक पाने के लिए जूझ रहे हैं। यहां के मतदाताओं ने 9 साल से न निकाय में वोट दिया और न हीं त्रिस्तरीय पंचायती चुनावों में, जबकि इस दौरान एक-एक बार ये दोनों चुनाव हो चुके हैं। दिसंबर 2014 से जिले के प्रवेशद्वार बनबसा को नगर पंचायत का दर्जा है, लेकिन यहां के लोगों की नगर पंचायत में कोई नुमाइंदगी नहीं है।
आसपास की ग्राम पंचायतों के बड़े हिस्से को अलग कर बनबसा नगर पंचायत का गठन किया गया। इसी के साथ चंपावत जिले में दो नगर पालिकाएं और दो नगर पंचायतें हो गई। बनबसा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी शेखर चंद्र जोशी का कहना है कि सात वार्डों की 6023 आबादी नगर पंचायत में शामिल हैं, लेकिन इनमें से बनबसा के कपिल भार्गव, महेश चंद, कवींद्र जोशी, दीपक सहित 3800 लोग बीते 9 साल से निकाय एवं त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में मताधिकार से वंचित हैं।
2008 के त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के बाद से यहां के लोगों ने सिर्फ विधानसभा और लोकसभा के लिए ही वोट दिया है, जबकि इस दौरान अप्रैल 2013 में नगर निकाय और जून 2014 में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव हो चुके हैं। बनबसा 2013 में नगर पंचायत नहीं बनी थी, इसलिए वोट नहीं दे सके।
वहीं नगर पंचायत का 8 फरवरी 2014 को अधिसूचना जारी होने से जून 2014 के त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं मिल सका। नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत प्रतिनिधि नहीं होने से इलाके की समस्याओं की सुनवाई नहीं हो पा रही है। अप्रैल 2018 में नगर निकायों के चुनाव होने हैं। अधिशासी अधिकारी शेखर चंद्र जोशी का कहना है कि वार्डों का परिसीमन करने के बाद अब जरूरी कार्रवाई की जा रही है।
बनबसा नगर पंचायत के गजट नोटिफिकेशन की विधिवत सूचना राज्य निर्वाचन आयोग को प्राप्त नहीं हुई है। अधिसूचना की विधिवत सूचना के बाद ही मतदाता सूची को बनाने सहित अन्य कार्य शुरू हो सकेंगे। -सुरेश बेनी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचस्थानी), चंपावत।
बनबसा नगर पंचायत के वार्ड और आबादी
मां पूर्णागिरि वार्ड 739
इंदिरा कॉलोनी 747
चंद मार्केट 829
मेन बाजार 865
नई बस्ती 906
मीना बाजार 950
धर्मशाला वार्ड 937
कुल आबादी 6023