चंपावत जिले की बदहाल धौन बडोली सड़क। संवाद
चंपावत। जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर धौन-बडोली सड़क खस्ताहाल हो गई है। इससे सड़क पर सफर करने वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिलचस्प बात है कि नौ साल पहले बनी सड़क में अब तक डामरीकरण नहीं हो सका है।
स्वाला से बड़ौली गांव तक की करीब आठ किमी लंबी सड़क का काम एनपीसीसी ने किया था। लेकिन सड़क पर आज तक डामर नहीं होने के कारण यह गड्ढों से भरी है। स्वाला डेंजर जोन का मलुबा गिराए जाने से ग्रामीणों के लिए कई बार सड़क तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। इससे एक हजार से अधिक आबादी को परेशान होना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि एनएच का मलुबा आने और सड़क पर भूकटाव के चलते कई जगह मार्ग नाले में तब्दील हो गया है। परियोजना प्रबन्धक एनपीसीसी अभिषेक यादव ने बताया कि सड़क बारिश के कारण जगह-जगह पर खराब हो गई है। इस माह के अंत तक सुरक्षात्मक कार्य शुरू किए जाएंगे।
कोट
आठ किलोमीटर सड़क बदहाल होने के कारण लोगों को पैदल ही गांव तक जाना पड़ता है। एनएच का मलुबा डाले जाने के कारण सड़क बदहाल होती जा रही है। अधिक बदहाल वाले क्षेत्र में पुल बना जाता तो आवाजाही आसान होती। - एडवोकेट गुणानंद थ्वाल, स्थानीय
सड़क बदहाल होने के कारण बरसात में सबसे अधिक दिक्कतें होती है। जरूरी सामान भी कई बार पैदल ले जाना पड़ता है। विभाग को बताने के बाद भी आज तक कोई काम नहीं हुआ है। रमेश चंद्र, ग्रामीण