चंपावत। कोरोना का असर कम होने के बाद भी इस बार धनतेरस पर पिछले साल की अपेक्षा कारोबार में गिरावट रही। इलेक्ट्रॉनिक, ऑटोमोबाइल, सोने के आभूषण, फर्नीचर और बर्तन के कारोबार में 30 प्रतिशत की कमी रही। व्यापारियों के मुताबिक इस बार चंपावत में करीब तीन करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है जबकि पिछले वर्ष चार करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ था। व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय चौधरी का कहना है कि महंगाई के अलावा ऑनलाइन बिक्री से बाजार पर असर पड़ रहा है।
इस बार 22 कारें, 57 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। ऑटोमोबाइल एजेंसी के प्रबंधक डीडी पांडेय, बाइक विक्रेता राजेश उप्रेती का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार बिक्री में कमी आई। फर्नीचर विक्रेता रामा शर्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स सामग्री के विक्रेता पंकज राय, बर्तन कारोबारी नरेश गड़कोटी, कुंदन बिष्ट, विनोद पांडेय, मिठाई कारोबारी प्रकाश तिवारी, आनंद राना, आभूषण विक्रेता नीरज वर्मा, विजय वर्मा, अशोक वर्मा आदि का कहना है कि पिछले साल की अपेक्षा कारोबार में कमी रही।
धनतेरस पर चंपावत जिले की बिक्री
ऑटोमोबाइल (कार व दोपहिया) 92 लाख
आभूषण 45 लाख
इलेक्ट्रानिक्स सामान 65 लाख
बर्तन, फर्नीचर अन्य 98 लाख
कुल 300 लाख
लोहाघाट, पाटी, बाराकोट बाजार में भी कम रहे खरीदार
लोहाघाट (चंपावत)। धनतेरस पर इस बार कारोबार में 50 फीसदी की कमी आई। व्यापारियों के अनुसार लोहाघाट, पाटी, बाराकोट में करीब पौने दो करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। इलेक्ट्रॉनिक व्यापारी जीवन खर्कवाल, ललित राय, संजय देव, कमलेश उप्रेती, जगदीश राय, वाहन व्यापारी भूपाल मेहता, विनीत सगटा, जगदीश बोहरा, सराफा व्यापारी गोविंद वर्मा, आशु वर्मा, नन्नू वर्मा, पप्पू वर्मा, विपिन वर्मा आदि का कहना है कि महंगाई की वजह से व्यापार काफी प्रभावित रहा।
वहीं पटाखों की बिक्री भी कम रही। व्यापारी दिनभर दुकानों में ग्राहकों का इंतजार करते रहे। पटाखा व्यापारी ललित माहरा, मेडी राय, गोलू कापड़ी, मनोज कापड़ी, ब्रजेश सिंह, सुमित, ललित जोशी, हिकमत खान आदि का कहना था कि पटाखों के दामों में भी काफी तेजी है। इस वर्ष लोगों का रुझान पटाखों की ओर कम है।