मां पूर्णागिरि धाम में घंटियां बजाकर देवी मां का आह्वान करतीं श्रद्धालु।
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पूर्णागिरि मेले में श्रद्धालुओं की आमद लगातार बनी हुई है। सोमवार को मां के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। करीब पंद्रह हजार से अधिक भक्तों ने देवी मां के दर्शन कर पुण्य अर्जित किया। श्रद्धालुओं की आस्था गर्मी की भीषण तपिश पर भारी पड़ रही है।
सीओ नरेश चंद ने भैरव मंदिर मेला क्षेत्र तक दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मेले में तैनात पुलिस अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ख्याल रखने के निर्देश दिए।
मेले में हर दिन हजारों की संख्या में दूर-दराज से भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। आस्था और श्रद्धा के इस धाम में देश के कोने-कोने और पड़ोसी देश नेपाल से देवी मां के भक्त उमड़ रहे हैं। करीब 23 किमी. मार्ग में रात के समय पथ प्रकाश की व्यवस्था से श्रद्धालु दिन-रात आवाजाही कर रहे हैं।
हालांकि गर्मी के कारण मां के दरबार में सुबह-शाम ही भीड़ उमड़ रही है लेकिन कई भक्त दिन में देवी मां के दर्शन को पहुंच रहे हैं। इन दिनों पड़ोसी देश नेपाल के श्रद्धालु काफी संख्या में आ रहे हैं जिससे मां पूर्णागिरि धाम के साथ ही नेपाल के सीमांत ब्रह्मदेव बाजार में खासी रौनक बनी हुई है। मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि मेला क्षेत्र में फिलहाल बिजली, पानी आदि द्मह्म् व्यवस्थाएं दुरुस्त बनी हुई हैं।
आग से दुकानदारों की निजी पेयजल लाइन जलकर नष्ट, पानी का संकट गहराया
टनकपुर। पूर्णागिरि धाम से लगे जंगल में लगी भीषण आग से धाम क्षेत्र के दुकानदारों की निजी पेयजल लाइनें जल कर क्षतिग्रस्त हो गई हैं जिससे धाम क्षेत्र में पानी का संकट गहरा गया है। वहीं आग से पेयजल योजना के स्रोतों का पानी भी सूखने का खतरा पैदा हो गया है। मंदिर समिति अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय ने बताया कि भवानीगाड़ नाले से लगे जंगल में भीषण आग से कई दुकानदारों की निजी पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित दुकानदारों ने क्षतिग्रस्त लाइनों के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू करा दिया है। दो-तीन दिन में लाइनें दुरुस्त कर ली जाएंगी।