बनबसा बैराज पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़।
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पूर्णागिरि धाम के दर्शन के बाद श्रद्धालु बनबसा मेला क्षेत्र की ओर उमड़ पड़े। इससे वाहनों की अधिकता से भारत-नेपाल मार्ग जाम हो गया। भीड़ नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए। नेपाल मार्ग पर पैदल चलना मुश्किल हो गया। यातायात व्यवस्था नियंत्रित करने के लिए पुलिस को यातायात डायवर्ट करना पड़ा।
मां पूर्णागिरि के दर्शन के उपरांत बड़ी संख्या में श्रद्धालु नेपाल के महेंद्रनगर स्थित बाबा सिद्धनाथ के दर्शन के लिए बनबसा सीमा सेे नेपाल जाते हैं। प्रथम नवरात्र को पूर्णागिरि में करीब डेढ़ लाख श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी थी, रविवार को नेपाल जाने के लिए लोग बनबसा मेला क्षेत्र में पहुंचे। देर रात से ही नेपाल जाने के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था।
सुबह होते-होते नेपाल मार्ग जाम हो गया। स्थिति यह हो गई कि बाइक या अन्य वाहनों का निकलना तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान और बैराज चौकी इंचार्ज गोविंद सिंह बिष्ट फोर्स के साथ यातायात को नियंत्रित करने में जुटे रहे। बैराज चौकी इंचार्ज ने बताया कि भीड़ के चलते नेपाल से आनेे वाले वाहनों को बैराज से बाया गढ़ीगोठ पुल से डायवर्ट करना पड़ा। देर शाम तक बैराज क्षेत्र में भीड़ का यही आलम बना हुआ था।
मेला क्षेत्र में लगा गंदगी का अंबार, श्रद्धालु झेल रहे परेशानी
बनबसा। मेला क्षेत्र में भीड़ बढ़ने के साथ ही सफाई व्यवस्था चरमरा गई। सफाई न होने से समूचे मेला क्षेत्र में गंदगी का अंबार लग गया, जिससे यात्रियों को गंदगी के बीच ही विश्राम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। मेला क्षेत्र मे सफाई व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम न होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मेले की भीड़ में बिछुड़े चार लोगों को साथियों से मिलाया
बनबसा। पुलिस ने मेले की भीड़ में बिछुड़े एक ही परिवार के चार लोगों को उनके साथियों को खोजकर उनके सुपुर्द किया। बहराइच जिले के रामगांव थानाक्षेत्र के राजापुर माफी चौकी निवासी लक्ष्मी देवी (58), उनका पुत्र दीपक (18), पोती जाहनवी (4) और मेहंदी (4) गांव के अन्य साथियों के साथ प्राइवेट बस से मां पूर्णागिरि के दर्शन को आए थे जो भीड़ में साथियों से बिछुड़ गए। थानाध्यक्ष जसवीर सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस ने उनके साथियों को खोजकर चारों को उनके सुपुर्द कर दिया।