टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) शनिवार को पूरे दिन भर खुला रहा। यह मार्ग अभी खतरनाक बना हुआ है। एनएच ने धौन के समीप बने नए भूस्खलन क्षेत्र की चोटी से मलबा हटाना शुरू कर दिया गया है। चोटी में खतरनाक बने बोल्डर को तोड़ने के लिए विस्फोट का सहारा लिया गया। सड़क से मलबा हटाते समय सुरक्षा के नजरिए से यातायात को भी रोका गया। मार्ग पर सुरक्षा के नजरिए से दिनभर में आधा-आधा घंटे के लिए चार बार वाहनों की आवाजाही को बंद किया गया।
शनिवार को एनएच खंड के सहायक अभियंता एनसी पांडेय की देखरेख में एनएच के मजदूरों और सात सदस्यीय बचाव टीम ने पहाड़ की चोटी से मलबा और पत्थर हटाने का काम शुरू किया। चोटी पर बोल्डर तोड़ने के लिए एक बार विस्फोट भी किया गया। चट्टान की चोटी में खतरा बने बोल्डर का हटा दिया गया है। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को रोक दिया गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने बताया कि खतरनाक क्षेत्र में तकरीबन 15 मीटर सड़क से मलबा पूरी तरह हटा दिया गया है।
मलबा हटाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग खंड की दो जेसीबी को लगाया गया है। इस दौरान एडीएम हेमंत कुमार वर्मा, एसडीएम सदर सीमा विश्वकर्मा, प्रभारी कोतवाल आरएस डांगी, एसआई बीएस बृजवाल मौजूद थे।
दो दिन बाद रोडवेज ने चलाई 21 बसें
बृहस्पतिवार व शुक्रवार को एनएच बंद रहने से रोडवेज की बस सेवा बुरी तरह प्रभावित रही। रोडवेज को दस लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। शनिवार को रोडवेज की 21 बसें चली। लोहाघाट डिपो की सहायक मंडलीय प्रबंधक नीलिमा शर्मा ने बताया कि दस रूटों की 21 बसें चलाई गई। इनमें दिल्ली को 5, देहरादून, हरिद्वार व हल्द्वानी को 3-3, पोंटा साहिब, ऋषिकेश, नैनीताल, बरेली, काशीपुर व धारचूला को एक-एक बस सेवा संचालित की गई।