जिले में त्वरित सिंचाई लाभ योजना (एआईबीपी) के तहत लघु सिंचाई विभाग को लगभग 70 लाख रुपये की धनराशि मिल गई है। योजनाओं का कार्य पूरा होने के बाद लघु सिंचाई विभाग पर ठेकेदारों की लाखों रुपये की धनराशि बकाया थी। अब लघु सिंचाई विभाग को ठेकेदारों को बकाया धनराशि देने के लिए शासन स्तर से लगभग 70 लाख रुपये की धनराशि मिल चुकी है।
विभाग ने विगत वर्षों से ठेकेदारों की बकाया धनराशि फरवरी तक देने का निर्णय लिया है। ठेकेदारों की ओर से चारों ब्लॉकों में गूल, हौज का निर्माण कार्य किया गया था। शासन स्तर से कार्यों के लिए धनराशि नहीं मिलने से लघु सिंचाई विभाग पर ठेकेदारों का बकाया बढ़ता जा रहा था। विभाग ने धनराशि को लेकर कई बार शासन स्तर को मांग पत्र भी भेजा।
लघु सिंचाई की ओर से विगत वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में कई कार्य कराए गए थे लेकिन बजट नहीं मिलने से कार्यों का भुगतान नहीं हो पा रहा था। जनवरी में लंबे समय से पेंडिंग कार्यों की धनराशि मिल गई है। जल्द से जल्द ठेकेदारों को धनराशि दी जाएगी। भुगतान के लिए ठेकेदार भी कई बार विभाग के चक्कर काट चुके थे। विभाग के पास बजट नहीं होने से खाली हाथ लौटना पड़ता था।
विगत वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए कार्यों के भुगतान के लिए शासन स्तर से लगभग 70 लाख की धनराशि मिल चुकी है। ठेकेदारों को फरवरी तक धनराशि दे दी जाएगी।
प्रशांत कुमार, ईई, लघु सिंचाई, चंपावत।