लोहाघाट (चंपावत)। आपदा के मद्देनजर खतरा बन रहे बाराकोट के ग्राम पंचायत बैड़ा बैड़वाल के चमनपुर और भनखोला तोक के ग्रामीण चिंता में हैं। कई बार विस्थापन की मांग किए जाने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विस्थापन की कार्यवाही नहीं की गई तो 2024 के लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
ग्राम प्रधान मीनाक्षी जोशी का कहना है कि बैड़ा बैड़वाल ग्राम सभा के चमनपुर और भनखोला तोक में वर्ष 2007 और 2022 में आपदा से भारी नुकसान हुआ था। आपदा में 20 से अधिक परिवारों के भवन और जमीन का कटाव हुआ था। प्रशासन ने गांव का निरीक्षण कर खतरे की जद में आए भवनों को चिह्नित किया था।
भू-वैज्ञानिकों ने भी गांव का निरीक्षण किया था लेकिन ग्रामीणों का अभी तक विस्थापन नहीं हो सका। इस कारण कई ग्रामीण पलायन तो कुछ लोग दूसरे घरों में शरण लेने को विवश हुए हैं। प्रदर्शन करने वालों में उमेश चंद्र, भुवन चंद्र, प्रमोद, अंबा दत्त, लोकमणि, महेश, चूड़ामणि, मदन पंत आदि ग्रामीण शामिल रहे।
चमनपुर और भनखोला के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का भूगर्भीय सर्वेक्षण किया गया था। रिपोर्ट में ग्रामीणों को विस्थापित करने की सलाह नहीं दी गई है। हां, भूस्खलन वाले क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने की संस्तुति की गई है। इस काम को कराया जा रहा है। - विजय गोस्वामी, तहसीलदार, लोहाघाट।