टनकपुर(चंपावत)। एनएच-9 के चौड़ीकरण से प्रभावित लोग बाइपास, एलिवेटेड सड़क निर्माण की मांग को लेकर मुखर हो गए हैं। लोगों ने तहसील पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की है कि इसका तत्काल संज्ञान लिया जाए ताकि किसानों की भूमि का न्यूनतम अधिग्रहण और स्थानीय आवास, व्यवसाय सुरक्षित रहे।
एनएच-9 को चौड़ा करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलते ही बुधवार को प्रभावित लोग नगर के एक होटल में जुटे और चर्चा की। इसके बाद वह तहसील परिसर पहुंचे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी पूनम गरजोला के माध्यम से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजा जिसमें कहा कि टनकपुर-बनबसा एनएच फोर लेन निर्माण के वर्तमान स्वरूप से क्षेत्र की जनता, किसान, विद्यार्थी, व्यापारी चिंतित हैं। ककराली गेट से बनबसा तक छोटे-बड़े निजी और सरकारी स्कूल भी है, इससे बच्चों की सुरक्षा पर भी खतरा है। टनकपुर-बनबसा के मुख्य बाजार और बस स्टेशन इसी मार्ग पर हैं, पूर्णागिरि मेले के चलते श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। उन्होंने जनहित में एनएच के लिए एलिवेटेड सड़क अथवा वैकल्पिक बाइपास स्वीकृत करने की मांग की है। प्रस्तावित बाइपास को जगबूड़ा पुल से हुड्डी क्षेत्र होकर किरौड़ा नाले के पास से निकाला जाए। जिससे भूमि का न्यूनतम अधिग्रहण हो, स्थानीय आवास और व्यवसाय सुरक्षित हो।
ज्ञापन देने वालों में दिनेश चंद्र भट्ट, महेश चंद्र, राम सिंह कुंवर, कैलाश भट्ट, दीप चंद्र पाठक, बसंत कुमार, नारायण भट्ट, मनीष चंद्र पांडेय, सुनील जोशी, विकास कुमार, पवन चंद, केशर सिंह, महेश सिंह देउपा, पुष्कर सिंह, दीपक चंद, मुन्नी जोशी, बसंत कुमार, गौतम महराना, भुवन सिंह, नरेंद्र सिंह कुंवर, पुष्कर मौनी, सुनील चंद्र जोशी, जितेंद्र चंद, गोवर्धन सिंह कुंवर, नरेंद्र सिंह कुंवर समेत अनेक लोग शामिल रहे।