चंपावत जिले का दूरस्थ गांव बस्तियागूंठ मझेड़ा।
सोशल मीडिया में वायरल हो रही मासूम की सीएम से की गई मार्मिक अपील
चंपावत। कठुवा जम्मू के एक राजकीय हाईस्कूल की छात्रा सीरत नाज की तरह चंपावत जिले के दूरस्थ गांव बस्तियागूंठ मझेड़ा की छह वर्षीय मासूम छात्रा दिव्यांशी भट्ट ने भी पीएम मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी से गांव में स्कूल खोलने और गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए मार्मिक अपील की है जो सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही है।
दिव्यांशी के पिता रमेश चंद्र भट्ट ने बताया कि मझेड़ा गांव सड़क से करीब तीन किमी नीचे है। गांव से दो किमी की दूरी पर एकमात्र प्राथमिक विद्यालय है। उसमें केवल तीन विद्यार्थी पढ़ते हैं। वहां एकमात्र शिक्षक तैनात है। कक्षा छह से लेकर 12वीं तक के बच्चे गांव से चार किमी की खड़ी चढ़ाई पार कर जीआईसी धौन में जाते हैं। कुछ बच्चे जिला मुख्यालय चंपावत में किराए पर कमरा लेकर पढ़ने के लिए मजबूर हैं।
बस्तियागूंठ मझेड़ा गांव से धौन तक का रास्ता घने जंगल के बीच से गुजरता है। वहां कई बार बच्चों का सामना हिंसक जंगली जानवरों से हो चुका है। प्राकृतिक आपदा के कारण भी बच्चे कई दिन तक स्कूल नहीं जा पाते। तब गांव वालों को हफ्तों तक घरों में ही कैद होकर रहना पड़ता है। ग्रामीणों को इस संकट से उबारने के लिए मासूम दिव्यांशी ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीएम और सीएम से यह अपील की है। दिव्यांशी का कहना है कि वह चढ़ाई चढ़कर दूर धौन और चंपावत नहीं जा सकती है। इसलिए वह गांव में ही रहकर पढ़ना चाहती है।
ग्रामीणों को पीएम और सीएम के फरियाद सुनने की अपील
चंपावत। जिले के बस्तियागूंठ मझेड़ा के ग्रामीणों को उम्मीद है कि पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम पुष्कर सिंह धामी मासूम दिव्यांशी की फरियाद जरूर सुनेंगे। ग्रामीण भुवन चंद्र, प्रकाश चंद्र, चंद्रा देवी, पार्वती भट्ट, रमेश चंद्र आदि का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही मुख्यमंत्री धामी के विधानसभा क्षेत्र के इस दूरस्थ गांव को स्कूल और सड़क की सुविधा अवश्य मिलेगी।