बनबसा (चंपावत)। देवीपुरा के ग्रामीणों ने जगबूड़ा पुल से नेपाल सीमा के बीच सड़क बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण से पूर्व मुआवजा देने की मांग की है। इसके लिए ग्रामीणों ने मंगलवार को हंगामा किया। उन्होंने बैठक कर एनएचएआई से जमीन और भवनों के अधिग्रहण से पहले मुआवजा देने की मांग की। तय किया कि प्रभावित ग्रामीणों का शिष्टमंडल होली के बाद जिला प्रशासन से मिलेगा। जरूरत पड़ने पर वे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी मुलाकात करेंगे।
नेपाल सीमा पर नेपाल की ओर बनने वाले सूखा बंदरगाह (ड्रायपोर्ट) को भारत से जोड़ने के लिए सड़क बनाई जानी है। इसके लिए एनएचएआई ने भूमि का अधिग्रहण कर लिया है। अब इस जमीन पर खड़े पेड़ों को काटा जाना है। इसके लिए कार्यदायी संस्था के लोग सोमवार को पेड़ों का कटान करने मौके पर गए तो ग्रामीणों ने मुआवजा देने के बाद ही पेड़ काटने की बात कहकर उन्हें खदेड़ दिया। मांग पूरी कराने के लिए ग्रामीणों ने मंगलवार को बैठक कर आंदोलन की चेतावनी दी। इसमें एनएचएआई से मुआवजा न मिलने पर ग्रामीणों ने रोष जताया।
कहा कि प्रशासन ने ग्रामीणों के भवनों का मुआवजा देना तय किया था लेकिन अब मुआवजा दिए बिना ही वहां खड़े पेड़ों का कटान करना गलत है। देवीपुरा के ग्राम प्रधान दीपक प्रकाश चंद की अध्यक्षता में शिव सांस्कृतिक युवा मंच के अध्यक्ष सुरेश उप्रेती ने संचालन किया। वहां ईश्वरी देवी, रमा देवी, अनीता देवी, विमला देवी, कमला देवी, विनोद भारती, शेखर जोशी, केसर सिंह खोलिया, नंदाबल्लभ भट्ट, राधा चंद आदि रहे।