लोहाघाट (चंपावत)। क्षेत्र में हो रही भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश से डिग्री कॉलेज की ओर जाने वाला मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है।
भारी बारिश के चलते बाड़ीगाड़ के पास डिग्री कॉलेज के लिए जाने वाला मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हो गया है। पूर्व में सड़क पर दरारें आने से यह खतरनाक हो गया था। बाद में लोनिवि ने इसे सीमेंट कंक्रीट डालकर ठीक कर दिया था। बुधवार को मोटर मार्ग एक बार फिर धंसाव होने से क्षतिग्रस्त हो गया है। सूचना पर लोनिवि ने मशीन भेजकर पहाड़ी का कटान कर यातायात के लिए मार्ग का निर्माण किया।
इस मार्ग से प्रतिदिन रायनगर चौड़ी, डैंसली, कोयाटी, भुमलाई, ईडाकोट, गल्लागांव, गंगनौला आदि स्थानों के लिए सैकडों लोग आवाजाही करते हैं। साथ ही कई स्कूलों की बसें भी बच्चों को लाने-ले जाने में इसी मार्ग का इस्तेमाल करती हैं। लोगों ने लोनिवि से सड़क को शीघ्र ठीक करने की मांग की है। इधर, रायनगर चौड़ी गांव की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग के नीचे से मिट्टी धंसने से यह मार्ग भी खतरे की जद में आ गया है। संवाद
10 करोड़ से हुआ ट्रीटमेंट पर स्वाला की पहाड़ी की हालत नाजुक
चंपावत। टनकपुर-चंपावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर टनकपुर से भरतोली तक 10 करोड़ की लागत की पहाड़ी का ट्रीटमेंट किया गया लेकिन मानसून की बारिश को स्वाला डेंजर जोन नहीं झेल पाया। इस डेंजर जोन में पहाड़ी से लगातार मलबा गिर रहा है। इस कारण आए दिन सड़क बंद हो रही है। एनएच पर 1400 करोड़ से अधिक खर्च करने के बावजूद सड़क को एहतियातन रात के समय बंद किया जा रहा है। एनएच पर टनकपुर से घाट तक आवाजाही करना काफी खतरनाक हो गया है। एनएच के सहायक अभियंता एनसी टम्टा ने बताया कि टनकपुर से भारतोली तक पहाड़ी सुरक्षा कार्य गतिमान है। बारिश के कारण डेंजर जोन में काम करना मुश्किल हो रहा है। संवाद
बारिश के कारण करीब 10 लाख का नुकसान
चंपावत। जिला मुख्यालय में बारिश के कारण करीब 10 लाख का कारोबार प्रभावित हुआ है। बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों से लोगों के नहीं आने से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ा है।
चंपावत मुख्यालय में पिछले दो दिन से लगातार जारी बारिश के चलते जनजीवन के साथ ही कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। व्यापार संघ अध्यक्ष विकास साह ने बताया कि चंपावत मुख्यालय में करीब एक हजार दुकानें हैं। इनमें कपड़ा, साड़ी, मिठाई, फल, इलेक्ट्रानिक, खेल सामग्री, काॅपी-किताबों आदि की दुकानें शामिल हैं। मुख्यालय का कारोबार नगर से सटे ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों पर निर्भर रहता है लेकिन बारिश के चलते लोग खरीदारी के लिए घरों से कम ही निकल रहे हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष ने बताया कि नगर में प्रतिदिन करीब 12 लाख का कारोबार नगर में होता है लेकिन बारिश के चलते यह दो-तीन लाख में ही सिमट गया है। संवाद
मौसम का ब्रेक, टनकपुर डिपो से सात बसें नहीं चलीं
टनकपुर (चंपावत)। बारिश के कारण से पिथौरागढ़-टनकपुर हाईवे पर जगह-जगह मलबा आने से कई जगह सड़कें बंद हो रही हैं। इसके अलावा खराब मौसम में लोग भी कम ही सफर कर रहे हैं। बुधवार को लोहाघाट डिपो की विभिन्न रूटों की तीन, पिथौरागढ़ डिपो की तीन और टनकपुर डिपो की सात बसों का संचालन ठप रहा। आरएम आलोक बरनवाल ने बताया कि टनकपुर डिपो की बारिश और मार्ग में व्यवधान के चलते कम यात्री आने से दिल्ली रूट की तीन और बरेली रूट की चार बसों का संचालन नहीं हो पाया जिसकी मार रोडवेज की आय पर भी पड़ रही है। संवाद
बारिश से उत्पन्न हालातों का अधिकारियों ने लिया जायजा
चंपावत। लगातार हो रही भारी वर्षा से उत्पन्न हालातों का बुधवार को अधिकारियों ने जायजा लिया। सीडीओ डाॅ. जीएस खाती ने जनपद के ललुवापानी रोड, नरियालगांव रोड, हिंगला देवी रोड, थूम, पुनावे सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने सड़कों पर हो रहे भूस्खलन और मलबा एकत्र होने की स्थिति का जायजा लिया। साथ ही स्थानीय और वाहन चालकों से वार्ता कर जमीनी हालात की जानकारी ली।
सीडीओ ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत कराने और अवरुद्ध यातायात को प्राथमिकता के आधार पर सुचारु करने के निर्देश दिए। ईई लोनिवि एमसी पलड़िया ने सीडीओ को बताया कि बंद पड़े सड़क मार्गों को खाेलने का कार्य जारी है। इधर, डीएम मनीष कुमार के निर्देश पर एसडीएम चंपावत अनुराग आर्या ने स्वाला क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया।
लोहाघाट की एसडीएम नीतू डांगर ने लोहाघाट तहसील के विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया और मौके पर मौजूद अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई करने को कहा। डीडीओ दिनेश सिंह दिगारी, चंपावत के बीडीओ अशोक अधिकारी, पाटी के बीडीओ अवनीश सिंह, चंपावत पालिका के ईओ भरत त्रिपाठी, लोहाघाट के सौरभ नेगी और बनबसा नगर पंचायत के ईओ दीपक बुदलाकोटी ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर अतिवृष्टि के नुकसान का जायजा लिया।