टनकपुर (चंपावत)। खनन कारोबार में अपहरण की घटना ने यहां भी खनन के खेल में गैंगवार की आशंका पैदा कर दी है। सत्ता में पकड़ रखने वाले दबंगों की यहां भी खनन कारोबार में घुसपैठ से लोग दहशत में हैं। ताजा अपहरण की वारदात में खटीमा के एक कांग्रेसी नेता की लिप्तता से खनन के खेल में सफेदपोशों की दखलंदाजी भी उजागर हुई है।
पुलिस अपहरण में लिप्त आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपी अपने राजनीतिक आका के संरक्षण या फिर नेपाल में हो सकते हैं। कोतवाल वीसी शर्मा ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही हैं, लेकिन उनके ठिकाने का पता नहीं चल सका है।
उचौलीगोठ के 28 हेक्टेअर राजस्व क्षेत्र से केएमवीएन द्वारा खनन कराया जा रहा है। बृहस्पतिवार को लेनदेने को लेकर दो पक्षों में इतना विवाद बढ़ गया कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के कर्मचारी युवक का पिस्तौल की नोक पर अपहरण करने का प्रयास किया। अगवा किए गए कर्मचारी को पुलिस ने चकरपुर में अपहर्ताओं के चंगुल से तो छुड़ा लिया, लेकिन आरोपी वाहन छोड़कर फरार हो गए।
इस मामले में पुलिस ने खटीमा निवासी कांग्रेसी नेता हरीश बोहरा, उसके साथी गुरुप्रीत सिंह, सूरज गोस्वामी, सुंदर गोस्वामी और दो अन्य साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। तीन दिन बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। कोतवाली पुलिस की टीमें शनिवार को भी ताबड़तोड़ दबिशें देती रही। कोतवाल ने बताया कि फरार आरोपी नहीं पकड़े जा सके। फरार आरोपियों की सत्ता में पकड़ होने से उनके राजनीतिक आका भी उन्हें बचाने के लिए सक्रिय हो गए हैं।