बनबसा शारदा घाट पर अपने पिता की चिता को मुखाग्नि देती पुत्री सोना चंद।
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पुत्र के लापता होने से एक विवाहिता पुत्री ने अपने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। निर्धनता के चलते लोगों ने मृतक के अंतिम संस्कार का बीड़ा उठाया।
मिली जानकारी के मुताबिक मेहनत मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले मानी चंद का बीते शुक्रवार को 70 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पुत्र के लापता होने से पिता की चिता को विवाहिता पुत्री सोना चंद ने मुखाग्नि दी।
सोना लोगों के घरों में कार्य कर जीवन यापन कर रही है। जबकि उसका पति कहीं बाहर खेती-किसानी का कार्य करता है। निर्धनता के चलते पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय अग्रवाल, व्यवसायी ललित वर्मा, दीपक वर्मा, किशन चंद, उमेद सिंह नेगी आदि ने मृतक के अंतिम संस्कार के लिए सहयोग दिया।
मृतक वृद्ध की पत्नी का कुछ दिन पूर्व ही निधन हो चुका है। मृतक अपनी पुत्री के साथ बनबसा में किराए पर निवास करता था।