खटीमा के नौसर में बारिश से पानी से गिरी धान की फसल। संवाद
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टनकपुर/बनबसा (चंपावत)। क्षेत्र में तीन दिनों से हो रही वर्षा से आम जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगह जलभराव की स्थिति है। ग्रामीण संपर्क मार्गों पर कीचड़ होने से आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम भी ठंडा हो गया है। वर्षा से कामकाजी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। किसान इस वर्षा को फसल के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं।
राज्य बागवानी पुरस्कार से सम्मानित जिला पंचायत सदस्य पुष्कर कापड़ी का कहना है कि इस बारिश से धान के फूल झड़ने का खतरा पैदा हो गया है। सेवानिवृत्त कैप्टन वीरेंद्र रजवार ने कहा कि पहले ही इस बार धान की फसल अज्ञात बीमारी से खराब हुई है। अब बेमौसम वर्षा ने चिंता बढ़ा दी है।
पूर्व कृषि उत्पादक मंडी समिति उपाध्यक्ष जसवंत बसेड़ा ने सरकार से धान में लगी अज्ञात बीमारी को दैवी आपदा मान किसानों के नुकसान की भरपाई करने की मांग की। आमबाग टनकपुर के किसान सुभाष चंद का कहना है कि धान की फसल का उत्पादन भी काफी कम होने की आशंका है। बनबसा स्थित यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स प्रभारी बैराज अटैंडेंट जेई संजय सिंह ने बताया कि पिछले 48 घंटों में क्षेत्र में 83 मिमी वर्षा हुई है। शारदा नदी का जलस्तर शनिवार सुबह आठ बजे 50,471 क्यूसेक हो गया जबकि शुक्रवार को नदी का जलस्तर 35,869 क्यूसेक था। बनबसा में शनिवार को अधिकतम तापमान 26 एवं न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस रहा।