पाटी (चंपावत)। मां वाराही धाम देवीधुरा में उत्तरांचल स्वर संगम ने पहाड़ी संस्कृति पर आधारित कई रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ मंदिर कमेटी के मुख्य संरक्षण लक्षमण सिंह लमगड़िया ने किया। उन्होंने कहा कि उत्तरांचल स्वर संगम उत्तराखंड की विरासत को बचाने और उसके प्रचार प्रसार का काम कर रहा है, वह सराहनीय है।
मां वाराही लोक सांस्कृतिक कला विकास हल्द्वानी नैनीताल के कलाकारों ने गिरीश सिंह बर्गली के नेतृत्व एवं निर्देशन में मां वाराही की वंदना के साथ प्रस्तुति दी। मुख्य आकर्षण का केंद्र देवीधुरा सुप्रसिद्ध बग्वाल युद्ध का प्रदर्शन रहा और मां नंदा देवी राजजात यात्रा का मंचन किया गया। साथ ही कुमाऊंनी, गढ़वाली, छबेली, झोड़ा आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। प्रसिद्ध गायक राजेंद्र प्रसाद, गिरीश बर्गली, रेखा बर्गली और जानकी ने एकल गीतों की प्रस्तुति दी।
उत्तरांचल स्वर संगम के अध्यक्ष चेतन बिष्ट (चेतन भैय्या ) ने सभी अतिथियों का शॉल ओढ़कर सम्मान किया। कार्यक्रम में 96 वर्षीय गहड़वाल खाम के मुखिया त्रिलोक सिंह बिष्ट को लोगों ने विशेष रूप से सम्मानित किया। इस दौरान मंदिर कमेटी अध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, महामंत्री रोशन लमगड़िया, खीम सिंह लमगड़िया, दिनेश जोशी, प्रकाश चंद शास्त्री, राजू बिष्ट, हयात सिंह, ईश्वर सिंह बिष्ट, चंदन सिंह बिष्ट, दीपक चम्याल, अमित लमगड़िया, प्रकाश सिंह मेहरा, विक्रम कठायत आदि मौजूद रहे।