नेपाल सीमा से लगे खालगढ़ा के तीन दिवसीय सीमा क्षेत्रीय दीप महोत्सव का रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ समापन हो गया। महोत्सव की अंतिम शाम पिथौरागढ़ के चंचल रावत एंड पार्टी के नाम रही। कलाकारों ने अपनी दिलकश प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शनिवार को महोत्सव समिति के अध्यक्ष शिक्षाविद माधो सिंह अधिकारी की अध्यक्षता में महोत्सव की अंतिम सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ लोहाघाट के नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद वर्मा और इंजीनियर प्रशांत वर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इंजीनियर वर्मा ने एक साल में क्षेत्र के 12 गरीब लोगों का बीएनके अस्पताल में निशुल्क उपचार करने की घोषणा की।
इस दौरान पिथौरागढ़ से आई चंचल रावत एंड पार्टी के कलाकारों ने देवी बाराही मेरी सेवा लीया वंदना से कार्यक्रमों की शुरुआत की। लोक गायिका बेबी प्रियंका, स्वर्गीय गोपाल बाबू गोस्वामी के पुत्र रमेश बाबू ने दिलकश प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। कलाकारों ने कांछ तेरो जलेबी को डाब ओ हिमा जाग, धन मेरो पहाड़, हाय तेरी रूमाला गुलाबी मुखड़ी, कै भली छाजी रै नाक की नथुली आदि गीत पेश किए।
कलाकारों ने कुमाऊंनी, गढ़वाली, नेपाली गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। महोत्सव समिति के अध्यक्ष माधो सिंह अधिकारी ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। कहा कि आगामी वर्षों में क्षेत्रीय लोगों के सहयोग से महोत्सव को और भव्य रूप दिया जाएगा।
आयोजन में उपाध्यक्ष चांद बोहरा, मदन कलौनी, मोहित पांडेय, शिवराज अधिकारी, राम सिंह, संजय पांडेय, दीपक जोशी, खीम सिंह, पूरन सिंह, देवेंद्र सिंह आदि ने सहयोग किया। इस मौके पर राज्य आंदोलनकारी नवीन मुरारी, राजू गड़कोटी, रवि देव, विक्की ओली आदि मौजूद थे।